वहीं संगरूर में भी कर्ज माफी की मांग को लेकर मंगलवार को भारतीय किसान यूनियन एकता उग्राहां के नेतृत्व में किसानों ने एसबीआई बैंक की ब्रांच के सामने पक्का मोरचा शुरू कर दिया है। इस मौके पर किसान नेताओं ने कहा कि चुनाव के दौरान कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सत्ता में आने पर किसानों का सारा कर्ज माफ करने का वादा किया था। सरकार को सत्ता मिले दो साल का समय होने को है लेकिन अभी तक किसानों का कर्ज माफ नहीं हुआ है।
उन्होंने कहा कि कैप्टन सरकार किसानों को झूठे आश्वासन देकर समय बिता रही है लेकिन अब किसान चुप नहीं बैठेंगे। उन्होंने कहा कि कैप्टन सरकार के झूठे वादों के कारण किसान बैंकों से डिफाल्टर हो गए हैं जिसकी सारी जिम्मेदारी राज्य सरकार की है। उन्होंने मांग की कि किसानों का सारा कर्ज माफ किया जाए।
उन्होंने कहा कि कैप्टन सरकार के बीस महीने के कार्यकाल के दौरान लगभग एक हजार किसान-मजदूर खुदकुशी कर चुके हैं, इनमें महिलाओं की तादाद भी काफी ज्यादा है। वहीं मुक्तसर में भी किसानों ने सहकारी बैंकों के सामने पांच दिवसीय धरने शुरु किया है।