किसान नेता अवतार सिंह तारी ने कहा कि चाहे प्रशासन हरेक संघर्ष को समाप्त करवाने के लिए समझौता करवा देता है लेकिन वह सख्ती के साथ समझौतों को लागू नहीं करवा रहा। इससे किसानों का शुगर मिल और प्रशासन से भरोसा उठ चुका है।
किसानों ने घेरा सीसीआई कार्यालय
बठिंडा में भी अनाज मंडी में स्थित सीसीआई के कार्यालय के सामने किसानों ने अपनी मांगों को लेकर भारतीय किसान यूनियन एकता उगरांहा के बैनर तले धरना लगा दिया। मंगलवार को धरने के दूसरे दिन किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। किसान नेता काका सिंह, बलदेव सिंह ने कहा कि सरकार कपास और धान की फसल खरीद टालने के लिए नए नए तरीके ढूंढ रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि अब सीसीआई ने किसानों की कपास की फसल को खरीदने के लिए नया तरीका ढूंढते हुए फसल में ज्यादा नमी होने का बहाना बनाया जा रहा है। इस कारण अब फसल खरीदने वाले व्यापारी किसानों को ओर परेशान कर रहे हैं। किसान नेताओं ने मांग की कि कपास की फसल खरीदने का रेट 5450 रुपये के बजाय डॉ. स्वामीनाथन रिपोर्ट के अनुसार दस हजार पांच सौ रुपये प्रति क्विंटल खरीद की जाए।
उन्होंने कहा कि जब तक सरकार किसानों की फसलों को सरकारी रेट पर खरीद करने संबंधी निर्णय नहीं लेती तब तक किसानों का धरना जारी रहेगा। किसानों ने चेतावनी दी कि अगर सरकार किसानों को जल्द फसलों के स्वामीनाथन रिपोर्ट के अनुसार रेट नहीं देती तो आने वाले दिनों में किसान केंद्र एवं राज्य सरकार के खिलाफ बड़ा संघर्ष शुरू करेंगे।