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पंजाबः शुगर मिल की छत पर चढ़े चार किसान, शुरू की भूख हड़ताल

Wed, 23 Oct 2019 10:36 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, संगरूर/बठिंडा (पंजाब)
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 धूरी शुगर मिल की छत पर चढ़े किसान नारेबाजी करते हुए। - फोटो : अमर उजाला
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करोड़ों रुपये की अदायगी लेने की खातिर चार किसान धूरी शुगर मिल की छत पर चढ़ गए।  किसानों ने भूख हड़ताल शुरू करते हुए एलान किया कि जब तक उनकी अदायगी खातों में नहीं आएगी, वह संघर्ष को जारी रखेंगे। उल्लेखनीय है कि 11 अक्तूबर को प्रशासन ने गन्ना किसानों के साथ शुगर मिल का समझौता करवाते हुए पूरी रकम 21 अक्तूबर तक खातों में डालने का वादा कराया था।

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21 अक्तूबर निकलने के बाद भी किसानों के खातों में अदायगी नहीं हुई। मंगलवार को सुबह किसान नेता हरजीत सिंह बुगरा, भवन सिंह कहेरू, बहादर सिंह ईसड़ा और निर्भय सिंह शुगर मिल की छत पर चढ़ गए। फोन पर बातचीत करते किसान हरजीत सिंह बुगरा ने बताया कि अब किसानों का शुगर मिल से भरोसा उठ चुका है और अब वह शुगर मिल और प्रशासन के किसी भी भरोसे में नहीं आएंगे।

उन्होंने कहा कि चाहे आज शुगर मिल ने किसानों की तरफ से शुरू किए जाने वाले संघर्ष को भांपते मिल की ऊंची चिमनी की सीढ़ियां उतार दी थीं लेकिन वह छत पर पहुंचने में कामयाब हो गए। उनकी तरफ से अपनी रकम की मांग करते भूख हड़ताल शुरू कर दी गई है और अब किसानों के खातों में रकम पड़ने के बिना वह धरने से नहीं उठेंगे।

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किसान नेता अवतार सिंह तारी ने कहा कि चाहे प्रशासन हरेक संघर्ष को समाप्त करवाने के लिए समझौता करवा देता है लेकिन वह सख्ती के साथ समझौतों को लागू नहीं करवा रहा। इससे किसानों का शुगर मिल और प्रशासन से भरोसा उठ चुका है।

किसानों ने घेरा सीसीआई कार्यालय 
बठिंडा में भी अनाज मंडी में स्थित सीसीआई के कार्यालय के सामने किसानों ने अपनी मांगों को लेकर भारतीय किसान यूनियन एकता उगरांहा के बैनर तले धरना लगा दिया। मंगलवार को धरने के दूसरे दिन किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। किसान नेता काका सिंह, बलदेव सिंह ने कहा कि सरकार कपास और धान की फसल खरीद टालने के लिए नए नए तरीके ढूंढ रही है। 

उन्होंने आरोप लगाया कि अब सीसीआई ने किसानों की कपास की फसल को खरीदने के लिए नया तरीका ढूंढते हुए फसल में ज्यादा नमी होने का बहाना बनाया जा रहा है। इस कारण अब फसल खरीदने वाले व्यापारी किसानों को ओर परेशान कर रहे हैं। किसान नेताओं ने मांग की कि कपास की फसल खरीदने का रेट 5450 रुपये के बजाय डॉ. स्वामीनाथन रिपोर्ट के अनुसार दस हजार पांच सौ रुपये प्रति क्विंटल खरीद की जाए। 

उन्होंने कहा कि जब तक सरकार किसानों की फसलों को सरकारी रेट पर खरीद करने संबंधी निर्णय नहीं लेती तब तक किसानों का धरना जारी रहेगा। किसानों ने चेतावनी दी कि अगर सरकार किसानों को जल्द फसलों के स्वामीनाथन रिपोर्ट के अनुसार रेट नहीं देती तो आने वाले दिनों में किसान केंद्र एवं राज्य सरकार के खिलाफ बड़ा संघर्ष शुरू करेंगे। 
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