भारतीय किसान यूनियन (उगराहां) ने पंजाब सरकार के मंत्रियों के रेल ट्रैक खाली करने के आग्रह को ठुकरा दिया है। यूनियन पदाधिकारियों ने दो टूक कहा कि वह कॉरपोरेट घरानों के थर्मल प्लांटों के रेलवे ट्रैक खाली नहीं करेंगे। उन्होंने यह आश्वासन जरूर दिया कि वे पंजाब सरकार द्वारा संचालित थर्मल प्लांटों के लिए रेल यातायात को बाधित नहीं करेंगे।
कृषि कानूनों के विरोध में किसान आंदोलन में शामिल भारतीय किसान यूनियन (उगराहां) के पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल की पंजाब सरकार के तीन कैबिनेट मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा, सुखबिंदर सिंह सरकारिया और तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा के साथ पंजाब भवन में बैठक हुई।
बैठक में मंत्रियों के अतिरिक्त पंजाब के मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार कैप्टन संदीप संधू और विधायक कुलजीत नागरा भी शामिल थे। एक घंटे से अधिक चली बैठक में किसान यूनियन के पदाधिकारियों के साथ मंत्रियों की वार्ता हुई। वार्ता के पश्चात संगठन के प्रदेश अध्यक्ष जोगिंदर सिंह उगराहां ने स्पष्ट किया कि यूनियन के लिए किसानों का हित सर्वोपरि है। इसलिए वह कॉरपोरेट घरानों के थर्मल प्लांटों के लिए जाने वाले रेलवे ट्रैक खाली नहीं करेंगे।
सरकारी थर्मल प्लांट संचालित किए जाएं
उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार को यह आश्वस्त किया गया है कि यूनियन पदाधिकारी और किसान कार्यकर्ता सरकारी थर्मल पावर प्लांट के लिए जाने वाले रेलवे ट्रैक को बाधित नहीं करेंगे। उन्होंने सरकार से प्लांटों को संचालित करने का अनुरोध किया है। बैठक में यूनियन के महासचिव सुखदेव सिंह कोकरी कलां, उपाध्यक्ष जसविंदर सिंह लोंगोवाल, रूप सिंह सन्ना, मनजीत सिंह नयाल उपस्थित थे।
आंदोलन की आगामी रणनीति के लिए बठिंडा में बैठक आज
यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि शुक्रवार को बठिंडा में राज्य स्तरीय बैठक में किसानों के आंदोलन को देशव्यापी बनाने की रणनीति बनाई जाएगी। साथ ही 5 नवंबर को होने वाले अन्य किसान यूनियन के देशव्यापी आंदोलन में बढ़चढ़ कर हिस्सेदारी की जाएगी। दिल्ली में 27 नवंबर को होने वाले किसान आंदोलन में भी यूनियन बढ़चढ़ कर हिस्सा लेगी।