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बादल निवास: कभी बिना इजाजत परिंदा भी पर नहीं मारता था, अब सुबह शाम किसानों का जमघट

Mon, 21 Sep 2020 10:39 AM IST
खुशबू गोयल जगदीश जोशी, बादल(मुक्तसर)

सार

  • बादल निवास के सामने किसान बादल परिवार को दिन भर कोसते रहते हैं
  • किसान की मौत के बाद और उग्र हुआ कृषि कानून मुद्दे पर चल रहा संघर्ष  
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गांव बादल में धरने पर जुटे किसान - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल, शिअद अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल व हरसिमरत कौर के गांव बादल स्थित निवास के पास जहां कभी बिना इजाजत के परिंदा भी पर नहीं मारता था, आज वहीं प्रदेश भर के किसानों का हुजूम पिछले छह दिनों से पक्का मोर्चा लगाए बैठा है। वहीं, मानसा के किसान प्रीतम सिंह की सल्फास खाने से हुई मौत के बाद कृषि विधेयक के मुद्दे पर संघर्ष और उग्र होता जा रहा है।
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किसानों के अलावा इस संघर्ष को अब शिक्षकों, आरएमपी डॉक्टरों, खेत मजदूरों, ठेका आधारित मुलाजिमों व आम लोगों का समर्थन भी मिल रहा है। किसानों ने बादल निवास के सामने 15 सितंबर से शुरू हुआ यह धरना 25 सितंबर तक जारी रखने का फैसला किया है। भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां के प्रदेश सचिव शिंगारा सिंह ने बताया कि राज्य की तीस किसान जत्थेबंदियो ने 25 सितंबर को पंजाब बंद का आह्वान किया है। उसके बाद भी अगर कृषि विधेयक रद्द न किया गया तो संघर्ष और तेज किया जाएगा। वे मांग पूरी न होने तक संघर्ष निरंतर जारी रखेंगे।

किसानों के लिए चल रही लंगर सेवा
बादल निवास के पास पक्का डेरा जमाए बैठे किसानों के लिए लंगर सेवा चल रही है। इसमें किसानों के लिए लंगर, चाय-पानी, जूस आदि मुहैया कराया जा रहा है, वहीं आस-पास के गांवों के किसान समर्थक लोग भी धरना स्थल पर लंगर सेवा पहुंचा रहे हैं, ताकि संघर्षरत किसानों को गर्मी के इस मौसम में दिक्कत पेश न आए। प्रदर्शनकारी किसानों ने अपने स्तर पर बादल गांव की मंडी में भी लंगर सेवा चला रखी है।
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