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दिल्ली कूच पर अड़े किसानों ने अंबाला में बैरिकेड तोड़ नदी में फेंके, पत्थरबाजी-झड़प के बीच पानीपत में डेरा

Thu, 26 Nov 2020 10:52 PM IST
प्राची प्रियम अमर उजाला नेटवर्क, करनाल/हिसार/रोहतक/चंडीगढ़

सार

  • ट्रिपल लेयर सुरक्षा भेदने में कामयाब रहे किसान, आंसू गैस-पानी की बौछारों से होकर आगे बढ़े किसान
  • भाकियू प्रदेशाध्यक्ष चढ़ूनी के खिलाफ हत्या के प्रयास का केस दर्ज, 10 घंटे तक नेशनल हाईवे रहा जाम
  • शंभू बार्डर पर घग्गर नदी में फेंके बैरिकेड, सद्दोपुर में बैरिकेड तोड़ किसानों ने बना लिए डंडे
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प्रदर्शनकारियों पर छोड़े गए आंसू गैस के गोले - फोटो : ANI
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विस्तार
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कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली कूच कर रहे किसानों के आंदोलन के कारण हरियाणा में माहौल तनावपूर्ण है। पुलिस ने किसानों को रोकने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े, वाटर कैनन का भी प्रयोग किया लेकिन सभी सुरक्षा इंतजाम फेल साबित हुए हैं, कई जगह तनाव की स्थिति बनी रही और पुलिस से झड़प की बात सामने आई है। 

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पुलिस न तो किसानों को अंबाला में शंभू बॉर्डर पर रोक पाई न ही सद्दोपुर बॉर्डर पर। किसानों ने बैरिकेड उठा घग्गर नदी में फेंक दिए और अवरोधक तोड़कर डंडे बना लिए। सीमाएं सील होने के बावजूद सिरसा, कैथल और फतेहाबाद के रास्ते भी पंजाब के किसान हरियाणा में आ गए हैं। 

वहीं समानाबाहु से निकले किसानों ने आगे बढ़ते हुए गुरुवार शाम पानीपत में पड़ाव डाल लिया है और शुक्रवार सुबह दिल्ली कूच करेंगे। किसान आंदोलन के कारण 10 घंटे तक नेशनल हाईवे पर जाम की स्थिति रही। उधर, मोहड़ा में भारतीय किसान यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढू़नी के खिलाफ हत्या के प्रयास की एफआईआर दर्ज की गई।
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खबर है कि हल्दाना बॉर्डर पर किसानों ने बैरिकेड तोड़ने का प्रयास किया और पत्थर फेंके गए तो उन पर पानी की बौछार की गई। प्रशासन ने मुरथल में एक और जगह से नेशनल हाइवे सील कर दिया है। 

किसानों के आंदोलन के मद्देनजर हरियाणा में पुलिस ने गुरुवार सुबह 6:00 बजे से ही वाटर कैनन, आंसू गैस और तीन लेयर की बैरिकेडिंग के साथ तैयार थी। 10 बजे शंभू बार्डर पर स्थिति तनावपूर्ण हो गई। यहां किसानों ने बैरिकेड उठाकर घग्गर नदी में फेंक दिए। सद्दोपुर बार्डर पर रखे बैरिकेड तोड़कर डंडे बना लिए। आंसू गैस, वाटर कैनन के इस्तेमाल के बावजूद किसान नहीं रुके। पुलिस और किसानों के बीच संघर्ष में कई जगह पत्थरबाजी भी हुई। इससे कई गाड़ियों के शीशे भी टूट गए। हालांकि इसमें किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। 

ट्रैक्टर-ट्रालियों से गिरा दिए बैरिकेड
कैथल में गुहला-चीका बॉर्डर पर पटियाला और संगरूर की ओर से आए किसानों ने ट्रैक्टर-ट्रालियों से बैरिकेड्स साइड में गिरा दिए और सभी प्रबंधों को धता बता हरियाणा में प्रवेश कर गए। खनौरी की ओर से आए पंजाब के मोगा और अन्य जिलों के किसानों ने आस-पास के लिंक मार्गों से होकर कैथल में प्रवेश किया।

कुरुक्षेत्र में प्रवेश करते ही शाहाबाद के त्योड़ा थेह पर किसानों को रोक लिया गया। यहां पंजाब के किसान संगठनों ने बैरिकेड तोड़कर दिल्ली की ओर कूच का प्रयास किया। किसान जब बैरिकेड तोड़ने लगे तो उन पर पानी की बौछारें की गईं। किसान मात्र 20 मिनट में नाका तोड़कर आगे बढ़ गए।

अब किसानों ने पानीपत टोल पर डाला पड़ाव
वहीं एक दिन पहले किसानों ने करनाल में रात्रि ठहराव किया था। अगले दिन पूरे जोश के साथ किसानों ने दिल्ली कूच के लिए पानीपत की ओर रुख किया। किसानों को पहले गांजबड़ और फिर पानीपत टोल पर रोकने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया था। पानीपत एलिवेटेड फ्लाईओवर के खत्म होने पर गांव सिवाह में भी बैरिकेडिंग थी। 

पानीपत-सोनीपत के हलदाना बार्डर पर पुलिस ने गड्ढा खोदने के साथ ही पत्थर रखकर बैरिकेडिंग लगाकर जंजीर से जोड़ दिया था। किसानों ने ट्रैक्टरों के माध्यम से बजरी से भरे ट्रकों को हटाया और आगे बढ़ गए। पुलिस ने किसानों पर पानी की बौछारें और आंसू गैस का इस्तेमाल किया।

डेढ़ घंटे की मशक्कत और टकराव के बीच आखिरकार पुलिस ने सारे बैरिकेड हटा दिए और आगे निकल लिए। गुरुवार शाम 6:00 बजे किसानों की रैली पानीपत पहुंच गई। करनाल के बाद पानीपत टोल पर किसानों ने अपना पड़ाव डालने का फैसला किया। पानीपत में रात्रि ठहराव के बाद सुबह नौ बजे दिल्ली के लिए किसान रवाना होंगे।
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चढ़ूनी पर हत्या के प्रयास का केस

मोहड़ा में भाकियू के प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढू़नी के खिलाफ हत्या के प्रयास की एफआईआर दर्ज की गई। मोहड़ा चौकी में तैनात हेड कांस्टेबल प्रदीप कुमार का आरोप है कि गुरनाम चढू़नी ने रोकने के बावजूद बैरीकेड तोड़कर उन पर गाड़ी चढ़ाने का प्रयास किया। किसानों पर पुलिस के साथ हाथापाई करने के भी आरोप हैं। 
कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली कूच कर रहे किसानों के सामने सरकार व प्रशासन ने जो बैरिकेड अड़ाए, उन्हें तोड़कर किसानों ने सरकार का गुरुर तोड़ा है। पानीपत टोल के पहले ही रात में ठहराव किया जाएगा। सुबह नौ बजे सभी किसान दिल्ली के लिए रवाना होंगे। - गुरनाम सिंह चढूनी, प्रदेश अध्यक्ष, भारतीय किसान यूनियन
 
किसानों का रवैया असंविधानिक रहा। आंदोलनकारी किसानों ने गलत तरीके से बल प्रयोग करते हुए न केवल पुलिस के बैरिकेड क्षतिग्रस्त किए, बल्कि आपराधिक तरीके से सभी अवरोधक को हटाते हुए वे आगे बढ़ते गए। पुलिस ने इस पर भी संयम से काम लेते हुए आंदोलनकारी किसानों पर बल प्रयोग नहीं किया। -  मनोज यादव, डीजीपी, हरियाणा
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