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जमीन अधिग्रहण के विरोध में किसानों का हंगामा, पुलिस ने हिरासत में लिया, रात में छोड़ा

Thu, 27 Sep 2018 03:19 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, राई/कुंडली (हरियाणा)
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अधिग्रहण का विरोध करते किसान
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कुंडली-गाजियाबाद-पलवल पैरिफेरल-वे (केजीपी) के टोल प्लाजा के पास ड्रेनेज के लिए नौ एकड़ जमीन का कब्जा लेने गई प्रशासन की टीम से किसान भिड़ गए। किसानों ने इस दौरान जमकर बवाल काटा। किसानों का कहना था कि उन्हें पलवल की तर्ज पर मुआवजा दिया जाए, जबकि एनएचएआई के अधिकारियों का कहना था कि पहले ही मुआवजा दे दिया गया है। काफी देर तक प्रशासन तथा किसानों के बीच तनातनी होती रही। बाद में माहौल बिगड़ते देख प्रशासन ने किसानों को हिरासत में ले लिया। 

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इसके बाद जमीन का कब्जा लिया गया। बाद में उन्हें राई थाना में ले जाया गया। वहां काफी देर तक हंगामा होता रहा। बाद में राई थाना में एसडीएम व भारतीय किसान संघ के पदाधिकारियों के बीच बातचीत हुई। जिसमें कई मांग मानने के बाद ही किसान शांत हुए। जिसके बाद उन्हें छोड़ दिया गया। बुधवार को एसडीएम प्रशांत पंवार, नायब तहसीलदार देशराज कांबोज भारी पुलिस बल को लेकर केजीपी ड्रेनेज के लिए अधिगृहीत की गई जमीन पर कब्जा लेने पहुंचे।

जमीन अधिग्रहण के विरोध में किसान
 जब किसानों को प्रशासन की टीम का कब्जा लेने आने का पता लगा तो वह भी एकत्रित हो गए। विदित रहे कि एनएचएआई द्वारा गांव जाखौली की करीब 20 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया गया है। अधिग्रहण के लिए मई माह में अवार्ड सुनाया गया है, अवार्ड सुनाने के बाद से ही किसान मुआवजे को लेकर नाराज है। किसानों का कहना है कि पलवल की तर्ज पर उन्हें जमीन का मुआवजा दिया जाए। जब तक पलवल की तर्ज पर मुआवजा नहीं मिलेगा तब तक संघर्ष जारी रहेगा।

इसी बीच बुधवार को प्रशासन की टीम एनएचएआई अधिकारियों के साथ जमीन पर कब्जा लेने के लिए भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गई। इसकी भनक लगते ही किसान मौके पर पहुंच गए और भारतीय किसान संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष ताहर सिंह व अन्य किसानों ने पहले एसडीएम प्रशांत पंवार से बातचीत करते हुए कहा कि उन्हें पलवल की तर्ज पर जमीन का मुआवजा दिया जाए। इसके साथ ही उन्होंने यह भी गुहार लगाई की अभी धान की फसल पकने वाली है। 

फसल काटने के बाद वह किसानों से बातचीत कर कार्रवाई अमल में लाए। ताकि किसानों की फसल बर्बाद न हो। हालांकि प्रशासन की तरफ से फसल का मुआवजा देने की बात कही गई। प्रशासन की तरफ से कब्जा कार्रवाई के दौरान विरोध करने पर करीब 38 किसानों को हिरासत में लिया गया। इसके बाद कब्जा कार्रवाई को अमल में लाया गया। इस बारे में एसडीएम प्रशांत पंवार का कहना है कि कब्जा के लिए किसानों को नोटिस दिया गया था, इसके बाद कब्जा कार्रवाई अमल में लाई गई है। नियम के मुताबिक कार्य किया गया है। 

खड़ी फसल पर जेसीबी चलाकर लिया कब्जा 

प्रशासन ने जमीन पर किया कब्जा
प्रशासन की टीम ने बुधवार दोपहर को कब्जा कार्रवाई के दौरान किसान मानव श्रंखला बनकर खड़े हो गए। जिस पर किसानों को हिरासत में लेने के बाद जेसीबी चलाकर धान की खड़ी फसल को नष्ट कर कब्जा लिया गया। प्रशासन की कार्रवाई के दौरान पुलिस बल के साथ भारी संख्या में महिला पुलिस कर्मी भी मौजूद रहीं। 

राई थाना में हुआ जमकर हंगामा 
किसानों को हिरासत में लिए जाने की सूचना के बाद भारतीय किसान संघ के प्रदेश महासचिव वीरेंद्र चोटीवाला भी राई थाना में पहुंच गए। उन्हें भी हिरासत में ले लिया गया। किसानों ने थाने में जमकर बवाल काटा। उनका कहना था कि किसानों के साथ ज्यादती की जा रही है। जब उन्होंने मुआवजा नहीं उठाया है तो उनकी जमीन पर जबरन कब्जा करना गलत है। 

कई घंटे तक हंगामा करने के बाद रात करीब आठ बजे किसानों व प्रशासन में बातचीत हुई। भारतीय किसान संघ की तरफ से वीरेंद्र चोटीवाला, ताहर सिंह के साथ ही जिलाध्यक्ष चांद सिंह, कंवल सिंह व चरण सिंह चौहान बातचीत में शामिल हुए। जिसके बाद कई मांग मानने पर किसान शांत हुए। 
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इन मांगों पर बनी सहमति 

विरोध में उतरे किसान
प्रशासन व किसानों के बीच कई मांगों पर सहमति बनी है। इनमें बर्बाद हुई फसल का मुआवजा देने, पकने को तैयार फसल पर फिलहाल कब्जा नहीं लेने की सहमति बनी। साथ ही मुआवजा के लिए किसानों व प्रशासन के अधिकारियों के बीच बातचीत कराने पर सहमति बन सकी। 

ड्रेनेज सिस्टम के अभाव में टूट रही सड़क 
केजीपी के पास ड्रेनेज सिस्टम बेहतर नहीं होने के चलते ही केजीपी लगातार टूट रहा है। कहीं न कहीं से हाईवे क्षतिग्रस्त हो जाता है। जिसके चलते ही प्रशासन ने ड्रेनेज सिस्टम बनाने की पहल की है। इसके लिए मई माह में जमीन का अधिग्रहण किया गया था। 

किसानों की फसल पर जबरन कब्जा करने का पुरजोर विरोध किया गया। जिसके बाद बर्बाद फसल का मुआवजा देने, बाकी बची फसल कटने के बाद ही कब्जा लेने व मुआवजा पर बातचीत से समस्या दूर करने पर सहमति बनी है। अब प्रशासनिक अधिकारियों से बातचीत कर मुआवजा बढ़ाने की मांग की जाएगी। -वीरेंद्र चोटीवाला, प्रदेश महासचिव भारतीय किसान संघ। 

केजीपी पर ड्रेनेज सिस्टम बनाने के लिए पहले से ही अधिगृहीत जमीन पर कब्जा कार्रवाई की गई है। प्रशासन ने पहले ही बर्बाद फसल का मुआवजा देने की बात कह दी थी। उसके बावजूद विरोध करने पर किसानों को हिरासत में लिया गया। अब मुआवजा बढ़ाने के लिए बातचीत की जाएगी। -प्रशांत पंवार, एसडीएम सोनीपत।
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