माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। किसान आंदोलन के कारण 25 बसें बंद होने और रूट बदलने से यात्रियों की संख्या में कमी आने की वजह से पंचकूला रोडवेज को 12 दिन में 21 लाख का नुकसान हुआ है। दूसरी तरफ ट्रेनों में यात्रियों की संख्या बढ़ने से रोजाना जनरल टिकटों की बिक्री में 25 फीसदी की वृद्धि होने के साथ ही वेटिंग भी बढ़ गई है। किसान आंदोलन के कारण जहां रोडवेज को घाटा हो रहा है, वहीं रेलवे मुनाफा कमा रही है। इन सबके बावजूद यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रेलवे टिकट की जद्दोजहद और आरक्षण नहीं मिलने से भी लोग परेशान हैं। किसान आंदोलन 13 फरवरी से शुरू हुआ है। इसके बाद चंडीगढ़, पंचकूला से अंबाला तक का रूट पूरी तरह से बंद हो गया। इस रूट के बंद होने के बद सभी बसों को पंचकूला बस स्टैंड से शहजादपुर होकर जाना पड़ रहा है। इसमें अंबाला घुमकर पहुंचने में दो घंटे लग रहा है। इस कारण लोगों को दिक्कत हो रही है। बसों का संचालन दिल्ली के लिए पूरी तरह से बंद है।
25 बसों का संचालन बंद हो गया
पंचकूला और कालका बस स्टैंड से 110 बसों का संचालन होता है। इसमें 25 बसों का संचालन पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। अब इसमें 85 बसों का ही संचालन किया जा रहा है। इसमें यह बसें दूसरे रूटों पर तीन घंटे देरी से पहुंचा रही हैं। इसमें कालका, पंचकूला से होकर शहजादपुर जाने वाली 20 बसें बंद की गई हैं। दिल्ली जाने वाली पांच बसें यात्री नहीं मिलने के कारण बंद हैं। इसमें हरियाणा के कुरुक्षेत्र, करनाल, पानीपत, हिसार, भिवानी, रोहतक सहित 65 बसों का रूट बदलने के बाद आने जाने वाली बसें देरी से आ रही हैं। पंचकूला बस स्टैंड से जहां रोजाना 1500 यात्री सफर करते थे, अब यहां से रोजाना 800 यात्री ही सफर रहे हैं। पानीपत से सफर कर पंचकूला आए नवीन मलिक ने बताया कि रूट बदलने के बाद तीन घंटे और जाम के कारण अधिक समय लग रहा है। इस कारण परेशानी हो रही है।
अयोध्या की बस कर दी गई है बंद
पंचकूला बस स्टैंड से अयोध्या जाने वाली स्पेशल बस भी जाम और रूट बदलने के कारण बंद कर दी गई है। पंचकूला जीएम अशोक कौशिक ने बताया कि रूट बदलने के बाद पहुंचने में लोगों को अधिक दिक्कत हो रही थी। इसलिए इस बस को बंद कर दिया गया है। अयोध्या की बस बंद होने से भी यात्री परेशान हैं।
ट्रेनों में बढ़े यात्री, वेटिंग भी बढ़ी
पंचकूला से बसों का रूट बदलने के कारण अंबाला और नई दिल्ली का सफर करने में अधिक समय लग रहा है। इस कारण लोग पैसेंजर, सुपर फास्ट एक्सप्रेस, एक्सप्रेस ट्रेन के अलावा नई दिल्ली तक जाने वाली शताब्दी ट्रेनों काे ज्यादा महत्व दे रहे हैं। अंबाला डिवीजन के डीआरएम मंदीप सिंह भाटिया ने बताया कि इस समय ट्रेनों से अधिक लोग सफर रक रहे हैं। इसमें ऊंचाहार एक्सप्रेस, चंडीगढ-लखनऊ एक्सप्रेस सहित अन्य दिल्ली होकर जाने वाली एक्सप्रेस में वेटिंग 150 पहुंच गई है। जनरल टिकट की बिक्री में 2500 अधिक टिकट बिक रहे हैं। इसमें चंडीगढ़ से नई दिल्ली शताब्दी में भी वेटिंग 30 के पार हो गई है।
किसान आंदोलन के बाद बसों का रूट बदलने से लोगों ने बसों में सफर करना कम कर दिया है। इसमें 45 फीसदी की गिरावट आई है। इससे पंचकूला परिवहन को घाटा हुआ है। जाम अधिक होने के कारण लोग बसों में सफर करने से बच रहे हैं। - अशोक कौशिक, जीएम, पंचकूला रोडवेज