सुबह से ही तनावपूर्ण स्थिति
सुनाम विधानसभा क्षेत्र के कस्बा लोंगोवाल में सोमवार सुबह से ही संगठनों और पुलिस के बीच स्थिति तनावपूर्ण रही। नामोल और मेदेवास में भी पुलिस ने नाकेबंदी कर रखी है। पुलिस से बचकर निकले भारतीय किसान यूनियन एकता आजाद के नेता जसवीर सिंह मदेवास और हैप्पी नमोल ने कहा कि प्रदेश की भगवंत मान सरकार ने किसानों को चंडीगढ़ में प्रदर्शन करने से रोकने के लिए नेताओं को गिरफ्तार कर लोकतंत्र की हत्या कर रही है। उन्होंने कहा कि 16 किसान संगठन मिलकर संघर्ष कर रहे हैं और बाढ़ पीड़ितों को मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं लेकिन आम आदमी पार्टी सरकार ने भी पिछली सरकारों की तरह रास्ता अपनाया है।
मोगा में किसानों ने तोड़ा पुलिस का नाका, लुधियाना रोड जाम
मोगा से भी किसान चंडीगढ़ को रवाना होने लगे हैं। पुलिस उन्हें रोकने की कोशिश में जुटी है। वहीं किसान भी अपनी जिद पर अड़े हैं। कई किसान नेताओं को पुलिस ने हिरासत में भी लिया है। फिरोजपुर रोड पर किसान गुरुद्वारा श्री तंबुमल के पास जुटे और चंडीगढ़ कूच किया। यहां पर पुलिस ने बैरिकेड लगा रखा था। किसानों ने बैरिकेड तोड़ दिया और आगे बढ़ने लगे। वहीं गांव दुनेके के पास भी पुलिस ने एक बड़ा नाका लगा रखा था। सड़क पर ट्रक खड़ा कर जाम लगा दिया गया ताकि किसान आगे न बढ़ सके। नाके नाजकारी मिलते ही किसानों ने अपना काफिला मोड़ लिया। गांवों के रास्ते से गांव मेहना पहुंचे और यहां लुधियाना रोड को किसानों ने जाम कर दिया। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है।
कपूरथला में 44 किसान हिरासत में
कपूरथला में सोमवार को किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के नेताओं ने प्रदर्शन किया। यहां पुलिस ने 44 किसानों को हिरासत लिया। इसके बाद किसान संगठनों ने हंगामा शुरू कर दिया और थानों का घेराव शुरू कर दिया। जोन नडाला अध्यक्ष निशान सिंह और जिला महासचिव निर्मल सिंह ने बताया कि उनके संगठन के नेताओं को रविवार को पंजाब पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उनकी रिहाई के लिए संगठन से मिले आदेश के अनुसार नौ टोल प्लाजा पर पंजाब के किसान संगठन शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। इस दौरान ढिलवां टोल प्लाजा पर भी किसान शांतिमय ढंग से प्रदर्शन कर रहे थे। मगर पुलिस ने किसानों को हिरासत में लिया।
पुलिस ने भुलत्थ थाने में 16, बेगोवाल में 18 और ढिलवां थाने में 18 किसान को हिरासत में रखा है। निशान सिंह ने कहा कि अगर किसानों को रिहा नहीं किया गया तो संगठन बड़े स्तर पर संघर्ष करने को मजबूर होगा। भुलत्थ के डीएसपी भारत भूषण सैनी ने बताया कि उक्त किसान ढिलवां टोल प्लाजा पर धरना दे रहे थे। वहां पर हालात न बिगड़े, इसलिए एहतियातन यह कदम उठाया गया है।
अमृतसर में तीन टोल प्लाजा पर धरना शुरू
किसान-मजदूर संघर्ष कमेटी पंजाब से जुड़े कई किसानों को पुलिस ने या तो हिरासत में ले लिया है या उन्हें नजरबंद कर लिया गया है। जिलाध्यक्ष सतनाम सिंह, जिला सचिव एवं प्रदेश नेता हरजिंदर सिंह के नेतृत्व में किसानों ने उस्मा टोल प्लाजा, मानावाला और कत्थूनंगल पर स्थायी धरना शुरू कर इन्हें आम लोगों के लिए फ्री कर दिया। वहीं, मोगा, संगरूर और कपूरथला में भी 100 से अधिक किसानों को हिरासत में लिया गया है।