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Chandigarh News: किसान की बेटी मंजू ने राष्ट्रीय ओपन पैदल चाल स्पर्धा में जीता दूसरा स्वर्ण

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चंडीगढ़। सुखना लेक पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय ओपन पैदल चाल स्पर्धा का बुधवार को समापन हो गया। खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पदक जीते। पंजाब की अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी मंजू रानी ने 10 किमी पैदल चाल स्पर्धा में बेहतर प्रदर्शन करते हुए 45:20.00 के समय में स्वर्ण पदक जीता। चैंपियनशिप में मंजू का यह दूसरा स्वर्ण पदक रहा। इससे पहले मंगलवार को इन्होंने 20 किलोमीटर पैदल चाल स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता था।जीतने के बार मंजू ने कहा कि इस साल उनका मुख्य ध्यान मिश्रित रिले स्पर्धा पर होगा। इसमें बेहतर प्रदर्शन के बाद उसे पेरिस ओलंपिक 2024 में भारत का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिल सकता है।
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वहीं, पुरुषों की 10 किमी स्पर्धा में पंजाब के साहिल ने अधिक अनुभवी एथलीटों को पछाड़कर स्वर्ण पदक जीता। पटियाला के 22 वर्षीय छात्र साहिल ने 39:25.00 का समय लिया। वह मंगलवार को पुरुषों की 20 किमी पैदल चाल में पांचवें स्थान पर रहे थे। उत्तराखंड के परमजीत सिंह बिष्ट 39:36.00 के समय के साथ दूसरे स्थान पर रहे, जबकि एशियाई कांस्य पदक विजेता दिल्ली के विकास सिंह 39:47.00 के समय के साथ तीसरे स्थान पर रहे। गोवा के विजय ओंकार विश्वकरम ने पुरुषों की 35 किमी दौड़ 2:39:19.00 के समय के साथ जीती, जबकि महिलाओं की 35 किमी दौड़ का स्वर्ण उत्तर प्रदेश की बंदना पटेल को मिला, जिनका स्वर्ण पदक जीतने का समय 3:11:06.00 था।
ये रहा परिणाम
साहिल (पंजाब) 39:25.00, परमजीत सिंह बिष्ट (उत्तराखंड) 39:36.00, विकाश सिंह (दिल्ली) 39:47.00।
35 किमी : विजय ओंकार विश्वकरम (गोवा) 2:39:19.00, सागर सतीश चंद्र (गुजरात) 2: 44:22.00, देवेंद्र सिंह (हरियाणा) 2:44:58.00।
महिला - 10 किमी : मंजू रानी (पंजाब) 45:20.00, पायल (उत्तराखंड) 46:04.00, मोकावी मुथुराथिनम (तमिलनाडु) 46:10.00।
35 किमी : बंदना पटेल (उत्तर प्रदेश) 3:11:06.00, पूजा कुमारी (पंजाब) 3:17:51.00, कोमल (हरियाणा) 3:23:06.00।
खैरा खुर्द गांव की रहने वाली मंजू का लक्ष्य है पेरिस ओलंपिक में पदक जीतना
मंजू रानी ने बताया कि वह पंजाब के मानसा जिले के खैरा खुर्द गांव की रहने वाली हैं। पिता जगदीप राम खेती का काम करते हैं। उन्होंने बताया कि जब वह दो साल की थी तो उनकी मां रामपति का देहांत हो गया। गांव में पहले हैंडबॉल खेलती थीं, परिवार को यह अच्छा नहीं लगता था। खेलों से लगाव था, इसके बाद जानकार उसे बादल गांव में एक अकादमी में ट्रायल के लिए साथ ले गए। वहां से मैंने पैदल चाल स्पर्धा खेल को अपना लिया। वर्ष 2023 में एशियन गेम्स में कांस्य पदक जीतने के बाद उनकी भर्ती सीमा सुरक्षा बल में बतौर सिपाही के तौर पर हुई। मौजूदा समय में हैड कांस्टेबल के तौर पर कार्यरत हैं। मंजू ने कहा कि उनका लक्ष्य पेरिस ओलंपिक 2024 में पदक जीतना है।
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