पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट (फाइल फोटो)
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पंजाब सरकार पर कोरोना दिशा-निर्देशों के पालन के नाम पर किसानों का आंदोलन दबाने और अब खुद सड़क पर उतरकर उन दिशा निर्देशों की धज्जियां उड़ा रैलियां करने संबंधी याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार और केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
किसान संघर्ष कमेटी और एडवोकेट एचसी अरोड़ा ने अलग-अलग याचिका दाखिल करते हुए हाईकोर्ट को बताया कि कोरोना महामारी से लड़ने के लिए केंद्र सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देशों की खुद पंजाब सरकार धज्जियां उड़ा रही है। जब 100 से अधिक लोगों के एकत्र होने और राजनीतिक रैली पर रोक है तो कैसे इन रैलियों में मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह, सभी मंत्री और कांग्रेस के राष्ट्रीय नेता राहुल गांधी शामिल हो रहे हैं।
याची ने बताया कि पहले अकाली दल ने रैलियों की शुरुआत की और अब खुद मुख्यमंत्री अपने मंत्रियों सहित कांग्रेस के शीर्ष नेता राहुल गांधी के साथ ट्रैक्टर रैलियां कर रहे हैं, जिनमें उनके हजारों समर्थक शामिल हो रहे हैं। जस्टिस एस मुरलीधर एवं जस्टिस अवनीश झिंगन की खंडपीठ ने पंजाब व केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर पूछा है कि रैलियों में कितने लोग और कितने ट्रैक्टर शामिल हुए।
कार्रवाई होनी चाहिए
किसान संघर्ष समिति ने एडवोकेट बलतेज सिद्धू के जरिए दायर याचिका में कहा है कि पंजाब सरकार शुरू से ही किसानों को रैलियां और प्रदर्शन करने के खिलाफ कार्रवाई करती रही है। हमारी रैलियों, प्रदर्शनों के खिलाफ केंद्र के दिशा निर्देशों के पालन करवाने का आश्वासन लिया गया। जबकि इनकी रैलियों में हजारों की संख्या में लोग शामिल हो रहे हैं। इन पर कार्रवाई होनी चाहिए।