धामी ने कहा कि एसजीपीसी के कर्मचारी इस घटना के बाद पेशेवर तरीके से आगे बढ़ते रहे और सफलता हासिल की है। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान अमृतसर के पुलिस कमिश्नर और पुलिस डिप्टी कमिश्नर समेत पुलिस के अन्य उच्च अधिकारी भी मौजूद थे। उनके सहयोग से आवश्यक कार्रवाई की है।
धामी ने एसजीपीसी के कर्मचारियों द्वारा जिम्मेदारी के साथ निभाए गए कर्तव्य की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह बेहद चिंताजनक है कि पंजाब में हालात खराब करने के लिए इस तरह की कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने यह भी आशंका जताई कि श्री हरमंदिर साहिब के पास इस तरह की घटनाएं किसी गहरी साजिश का हिस्सा हैं। सरकार को इस पर गहराई से विचार करना चाहिए और अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। उन्होंने संगत से अपील की है कि वे श्री हरमंदिर साहिब आकर बिना डरे माथा टेकें।
धामी ने कहा कि श्री हरमंदिर साहिब में काफी संख्या में सीसीटीवी कैमरे पहले से लगे हैं लेकिन अब इनका और विस्तार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि गुरुद्वारा श्री संतोखसर साहिब से गुरुद्वारा श्री सारागढ़ी साहिब तक कॉरिडोर के किनारे उपयुक्त स्थानों पर कैमरे लगाए जाएंगे। साथ ही स्कैनर लगाने पर भी विचार किया जाएगा। उन्होंने सरकार से विरासत मार्गों और गलियारों के विकास और रखरखाव पर विशेष ध्यान देने को कहा।
सरकार सख्त होती तो न होती तीसरी घटना
श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने श्री हरमंदिर साहिब के पास तीन अलग-अलग धमाकों की घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं की गहराई से जांच होनी चाहिए। यह भी पता लगाया जाए कि इन घटनाओं के पीछे कौन लोग हैं? उन्होंने कहा कि अगर पहले दिन से ही सरकार सख्ती अपनाती तो तीसरी घटना न हो पाती।
उन्होंने कहा कि पुलिस ने पांच लोगों को इस मामले में गिरफ्तार किया है। एसजीपीसी ने भी मामले में आरोपियों को पकड़ने में पुलिस की मदद की है। यह एक बढ़िया कदम है। उन्होंने कहा कि सिख संगत और सारी दुनिया के सामने सारा मामला सरकार को स्पष्ट जरूर करना चाहिए कि इन घटनाओं को अंजाम देने के पीछे कौन लोग हैं और वह अपने कौन से हितों की पूर्ति करना चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि पिछले समय में सिखों के खिलाफ जो बड़े स्तर पर प्रचार हुआ है... क्या यह उसका कोई हिस्सा तो नहीं है। उन्होंने कहा कि जो सिख बाणी में विश्वास रखते हैं, उनके अंदर इन धमाकों का कोई डर नहीं है, परंतु जो लोग पर्यटक के रूप में आते हैं, उनके अंदर ऐसी घटनाओं से जरूर डर पैदा होता है। उन्होंने कहा कि यह भी साजिश होती रही है कि सिखों के खिलाफ एक नफरत का माहौल पैदा किया जा रहा है। इसकी भी जांच होनी चाहिए।