सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक के एक फीचर ने विधानसभा चुनाव प्रचार को हाइटेक बना दिया है। यह नेताओं के लिए वरदान साबित हो रहा है। आप रैली में जाओ या न जाओ। नेताजी आपके पास जरूर आ जाएंगे। आप चाहो या न चाहो। नेताजी अपने दो बोल जरूर सुनाएंगे। ऐसा हो रहा है नेताओं का प्रचार के लिए हाइटेक तकनीक का इस्तेमाल करने से। ऐसे में फेसबुक का लाइव ऑप्शन उनके लिए वरदान बन चुका है।
वहीं, इमो और अन्य वीडियो कालिंग आप्शन उनकी रैलियों को आम जनता तक पहुंचा रहे हैं। इस बार के विधानसभा चुनाव में प्रचार का तरीका हाईटेक हो गया है। नेता जहां अपनी सारी बातें सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे हैं। वहीं, अपनी रैलियां तक फेसबुक और अन्य माध्यमों से लाइव चला रहे हैं। नेताओं की माने तो इससे दो फायदे होते हैं एक तो जो लोग रैली में शामिल नहीं हो पाते हैं। वे फोन या कंप्यूटर खोलते ही जान जाते है कि उनके नेता क्या कहकर गए हैं।
इसके अलावा नेता भी यह जान जाते हैं कि लोग उनके बारे में क्या सोच रखते है। जब लाइव प्रोग्राम चल रहा होता है तो वहां लोगों को अपनी राय रखने का मौका भी दिया जाता है। पंजाब के सबसे एडवांस शहर मोहाली में तो यह तरीका सबसे ज्यादा हिट हो रहा है। यहां पर आम आदमी पार्टी के बड़े नेता हो या अकाली दल के पार्षद, अपने डोर-टू-डोर प्रचार को लाइव चला रहे हैं। प्रचार चरम पर है।
स्टार प्रचारकों का हर जगह जाना संभव नहीं है। ऐसे में नेताजी अपने समर्थकों से जुड़े रहने के लिए टेलीफोनिक रैलियां भी कर रहे हैं। ऐसा ही एक प्रोग्राम आप के कनवीनर अरविंद केजरीवाल की तरफ कुछ माह पहले किया गया था। उन्हें फेज-6 में रात को पहुंचना था। वह पहुंच नहीं पाए। इसके बाद टेलीफोन के जरिए ही अपने कार्यकर्ताओं से रूबरू हुए।