संवाद न्यूज एजेंसी
चंडीगढ़। नगर निगम की टाउन वेंडिंग कमेटी ने बैठक कर निर्णय लिया है कि जो वेंडर बीते कई साल से स्थायी तौर पर चंडीगढ़ में करते हैं, लेकिन वह निवासी दूसरे राज्यों के हैं, उनका आधार कार्ड भी दूसरे राज्य का है। ऐसे वेंडरों को वेंडिंग लाइसेंस दिया जाएगा। उसके लिए शर्त यह है कि उस वेंडर का नाम पहले निगम की ओर से करवाए गए सर्वे में शामिल होना अनिवार्य है। ऐसे वेंडरों को 200 रुपये के साथ अपना नाम नगर निगम में रजिस्टर्ड करवाना होगा। बाद में ड्रा के बाद उन्हें साइट अलाट की जाएगी। नगर निगम टाउन वेंडिंग कमेटी के सदस्य वीएन शर्मा ने बताया कि 21622 वेंडरों का नाम सर्वे में था। इनमें से 9361 वेंडर जो चंडीगढ़ निवासी थे, वही निगम में रजिस्टर्ड थे।