चंडीगढ़। वर्ष 2023-24 के लिए शराब ठेकों के आवंटन की दूसरी बार प्रक्रिया शुरू हो गई है। पहली नीलामी में आबकारी विभाग के ज्यादातर ठेके बिक नहीं पाए, इसलिए अब विभाग बाकी बचे 52 ठेकों को नीलाम करने जा रहा है। आवंटन के लिए शराब कारोबारी 21 मार्च दोपहर दो बजे तक ऑनलाइन बोली जमा करा सकेंगे।विभाग के अनुसार इसके बाद तकनीकी बोली खोली जाएगी और शाम 5 बजे वित्तीय बोली खोली जाएगी। इसमें साफ हो जाएगा कि कौन सा ठेका किस ठेकेदार ने अधिकतम बोली लगाकर अपने नाम किया है। पिछली नीलामी में सबसे महंगा शराब का ठेका पलसौरा का बिका था, जिसका आरक्षित मूल्य 9.60 करोड़ रुपये तय किया गया था और इसे 11.65 करोड़ रुपये में कलेर वाइन्स ने खरीदा था। पिछली बार धनास का ठेका नहीं बिक पाया था। इस ठेके का आरक्षित मूल्य सबसे अधिक 11.53 करोड़ तय किया गया है। पिछले साल धनास का ठेका सबसे अधिक 12.78 करोड़ रुपये में नीलाम हुआ था, जबकि इस ठेके का आरक्षित मूल्य 10.39 करोड़ था। यूटी प्रशासन का दावा है कि पंजाब की आबकारी नीति के कारण उनके ठेकों के लिए बोलीदाताओं ने रुचि नहीं दिखाई, क्योंकि वहां पर वैट और एक्साइज ड्यूटी चंडीगढ़ के मुकाबले में कम है, जिस कारण चंडीगढ़ में ठेके कम बिके हैं।
इस बार मिनिमम रिटेल प्राइस की पालना नहीं की तो होगी सख्त कार्रवाई
आबकारी नीति 2023-24 के तहत विभाग ने नियमों की पालना न करने पर भी सख्ती की है। ठेके पर मिनिमम रिटेल प्राइस से कम पर शराब बेची गई तो तीन दिन तक संबंधित ठेका बंद रखना होगा। विभाग ने शराब की तस्करी को रोकने के लिए इस वर्ष नई तकनीक लाने का फैसला लिया है। इस तकनीक के साथ बोतल पर यूनिक कोड, होलोग्राम व क्यूआर कोड लगेगा, जिसके जरिए ट्रैक व ट्रेस का काम किया जा सकेगा। इसके साथ ही हितधारकों की सुविधा के लिए व लेबल, ब्रांड रजिस्ट्रेशन की मंजूरी में लगने वाले समय को कम करने के लिए लेबल रजिस्ट्रेशन के लिए ऑनलाइन सुविधा शुरू की गई है।