आय से अधिक संपत्ति, भ्रष्टाचार के मामले में कोर्ट ने पूर्व मंत्री से एक करोड़ 10 हजार जुर्माना एक ही दिन में वसूल लिया। मामले में जिला अदालत ने पूर्व मंत्री व शिअद के वरिष्ठ नेता सुच्चा सिंह लंगाह और अकाली दल के जत्थेबंदक सचिव अमरीक सिंह मोहाली को दोषी ठहराते हुए तीन साल कैद की सजा सुनाई।
साथ ही लंगाह पर एक करोड़ दस हजार रुपये जबकि अमरीक सिंह मोहाली पर एक लाख दस हजार जुर्माना लगाया गया। अदालत ने लंगाह के करीब सोलह प्लॉट और संपत्तियां जब्त करने के आदेश भी दिए हैं। मामले में नामजद नौ लोगों को बरी कर दिया गया।
कैप्टन अमरिंदर की सरकार के कार्यकाल के दौरान वर्ष 2002 में विजिलेंस की फ्लाइंग स्कवायड ने सुच्चा सिंह लंगाह और उनके साथी पर केस दर्ज किया था। आरोप था कि 1997 से लेकर 2002 तक पंजाब सरकार में मंत्री पद पर रहते हुए उन्होंने अपने स्थायी जिले गुरदासपुर के पांच गांवों में लगभग 35 एकड़ जमीन खरीदी थी जबकि विभिन्न शहरी एरिया में भी उन्होंने प्लॉट और संपत्ति खरीदी थी।
यह जमीन उन्होंने पारिवारिक सदस्यों और जानकारों के नाम पर खरीदी। उन्होंने इस जमीन की कीमत करीब एक करोड़ रुपये बताई थी जबकि इसकी मार्के ट वैल्यू पांच गुना अधिक थी। अदालत में वह अपनी संपत्ति से संबंधित प्रमाण नहीं दे पाए।
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जुर्माना भरने पर मिली जमानत
अदालत ने लंगाह को सुबह लगभग ग्यारह बजे सजा सुनाई जबकि दोपहर बाद साढ़े तीन बजे जुर्माना और बॉन्ड भरने पर उन्हें अदालत से जमानत मिली।