मलूका ने जोड़ा घर व लंगर घर की सेवा की
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सरबत खालसा के मनोनीत जत्थेदारों ने पूर्व कैबिनेट मंत्री सिकंदर सिंह मलूका को पंथ से निष्कासित कर दिया है। साथ ही डेरा समर्थन मामले में कमेटी बना दी है। वीरवार को सरबत खालसा के नामित जत्थेदारों में से कार्यकारी जत्थेदार भाई ध्यान सिंह मंड श्री हरमंदिर साहिब में माथा टेकने पहुंचे।
पत्रकारों से बातचीत करते हुए सरबत खालसा ने श्री अकाल तख्त साहिब के फैसले को मानने से इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि सिकंदर सिंह मलूका को माफी दिलाने में सियासती हाथ है।
सरबत खालसा इस मामले में किसी पर रहम नहीं कर सकता। सिकंदर सिंह मलूका को सिख पंथ से निष्कासित किया जाता है। साथ ही डेरा (बाबा राम रहीम) से समर्थन मांगने वाले सिख नेताओं की लिस्ट बनाने के लिए तीन सदस्यों की टीम बनाई जाती है।
गौरतलब है कि कैबिनेट मंत्री सिकंदर सिंह मलूका पर आरोप है कि रामपुरा फूल में चुनावी कार्यालय खोलते समय उन्होंने अरदास तोड़ मरोड़कर की थी। इसके एवज में श्री अकाल तख्त साहिब ने उनपर धार्मिक व आर्थिक दंड लगाया था।