चंडीगढ़। नगर निगम अब घर घर से कचरा उठाने वाले हरेक कर्मचारी के साथ समझौता (एमओयू) हस्ताक्षर करेगा। इसके लिए सोमवार को पूर्व मेयर व वर्तमान पार्षद और अतिरिक्त आयुक्त अनिल गर्ग के नेतृत्व में कर्मचारियों के बीच सहमति बनी। कमिश्नर केके यादव ने भी इस पर प्रशासनिक मंजूरी दे दी है। बुधवार को इस मामले को लेकर कागजी कार्यवाही शुरू होगी। इसमें अब एसोसिएशन का मुद्दा खत्म हो जाएगा।
शहर में सूखा और गीला कचरा अलग-अलग लेने के लिए गाड़ियां चलाने का फैसला लिया गया था। गाड़ियां आते ही घर घर से कचरा उठाने वाले कर्मचारियों ने हंगामा शुरू कर दिया था। उसके बाद कई बैठकों का दौर चला, लेकिन कर्मचारी व अधिकारियों के बीच सहमति नहीं बन सकी। हालांकि कर्मचारियों का एक गुट अभी भी नगर निगम के बाहर धरने पर बैठा है। उनसे सहमति बन बिना सभी लोगों का पंजीकरण हो सकता है। नगर निगम को सोसायटी ने 1280 लोगों की सूची दी थी, जिसमें से मात्र 640 लोगों ने ही पंजीकरण कराया है।
दो साल के लिए बनाया है एमओयू
निगम ने इस एमओयू का कार्यकाल दो साल का रखा है। दो साल बाद कर्मचारियों के साथ नए सिरे से एमओयू होगा। अगर दो साल के भीतर कोई अनुशासन भंग करता है या फिर लंबे समय तक कर्मचारी गैर हाजिर रहता है तो यह एमओयू बीच में भी समाप्त हो जाएगा। हर व्यक्ति पर नजर रहे इसलिए निगम ने एमओयू सोसाइटी से करने की बजाय कर्मचारियों से किया है।
इन शर्तों पर हुआ एमओयू
- कलेक्टर्स का सुबह सात बजे से अपना काम शुरू करेंगे
- कर्मचारियों के लिए एक वेलफेयर फंड का होगा गठन
- कर्मचारियों को हर माह नगर निगम से वेतन मिलेगा
- सभी कर्मचारियों का एमसी बीमा करवाएगा
- हर कलेक्टर्स को हर साल हेपेटाइटिस- बी का टीका लगेगा
- साल में एक बार निशुल्क चिकित्सा शिविर लगेगा
- कलेक्टर्स को सफाई कमचारियों की तरह हर माह साबुन और तेल भी दिया जाएगा
- सूखा और गीला अलग अलग करने की जिम्मेदारी घर में रहने वाले लोगों की होगी।
- कचरे के संबंध में शिकायत के लिए जारी होगा टोल फ्री नंबर
- हर कर्मचारी को वर्दी और पहचान पत्र मिलेगा
- घरों पर लगे जुर्माने की 50 प्रतिशत राशि वेलफेयर फंड में जाएगी।
- अभी घरों से दी जानी वाली राशि की जानकारी कलेक्टर निगम को देंगे
इसी माह 30 के बाद के सेक्टरों में शुरू होगी गाड़ियां
इस समय सेक्टर-1 से 30 तक के क्षेत्र में अलग-अलग कचरा लेने के लिए नगर निगम की ओर से 90 गाड़ियां चलाई गई थीं। इसी माह 30 के बाद के दक्षिणी सेक्टरों में सेग्रीगेशन शुरू कर दी जाएगी। इसके लिए भी गाड़ियां आ चुकी हैं। मालूम हो कि इस पूरी व्यवस्था के लिए स्मार्ट सिटी की ओर से 34 करोड़ रुपये की लागत से 390 गाड़ियां खरीदी गई हैं।
पूजा सामग्री और ग्रीन वेस्ट अलग होगा एकत्रित
एमओयू की शर्त के अनुसार बड़े घरों से निकलने वाले ग्रीन वेस्ट और धार्मिक स्थलों से निकलने वाली पूजा सामग्री के लिए अलग से वाहन लगाया जाएगा। यह गाड़ी एमओएच विभाग द्वारा लगाई जाएगी।
अलग-अलग कचरा नहीं दिया तो होगा जुर्माना
लोग घरों से गीला-सूखा कचरा अलग अलग कर नहीं दिया तो कलेक्टर इसकी जानकारी चीफ सेनिटरी इंस्पेक्टर को देगा। पहले घर वालों को चेतावनी दी जाएगी। न मानने पर उस घर में रहने वाले पर कार्रवाई करेगा। सॉलिड वेस्ट मनैजमेंट के तहत सेग्रीगेशन न करने वाले पर 200 रुपये का चालान काटने का प्रावधान है।
क्या कहते हैं अधिकारी
हमारा प्रयास है कि सभी कर्मचारी मिलकर काम करें ताकि शहर के लोगों को समस्या न हो और शहर को साफ सुथरा रखा जा सके। कर्मचारियों के साथ काफी हद तक सहमति बन गई है।
-केके यादव, निगम आयुक्त
कर्मचारी गाड़ियों पर जाने को तैयार हैं। सोमवार को आयुक्त से मुलाकात कर सोसायटी के सदस्यों व कर्मचारियों ने इस पर सहमति भी जता दी है। जल्द एमओयू साइन हो जाएगा।
राजेश कालिया, पूर्व मेयर व वर्तमान पार्षद