चंडीगढ़। सुप्रीम कोर्ट में इंडिया गठबंधन की जीत के बाद भी कांग्रेस के हाथ अब तक खाली हैं। मेयर चुनाव में गठबंधन से आम आदमी पार्टी ने मेयर पद पर अपना प्रत्याशी उतरा था जबकि कांग्रेस ने सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर पद पर चुनाव लड़ा था। सुप्रीम कोर्ट का फैसला केवल मेयर चुनाव पर आया है जबकि सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर अभी भी भाजपा के हैं। इनके चुनाव का मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है। 26 फरवरी को सुनवाई होनी है। जानकारों के मुताबिक, दोबारा इन पदों पर चुनाव हुए तो भाजपा बहुमत के चलते बाजी मार सकती है।30 जनवरी को हुए चुनाव में मेयर के पद पर मतदान के बाद धांधली के आरोप लगाते हुए आम आदमी पार्टी और कांग्रेस ने हंगामा करते हुए वॉकआउट कर दिया था और सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के पद पर वोट ही नहीं डाले थे। ऐसे में भाजपा ने दोनों पदों पर 16-0 से जीत दर्ज की थी। कांग्रेस की तरफ से दायर की गई याचिका पर 26 फरवरी को अगर पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर पद पर दोबारा चुनाव कराने के निर्देश देता है तो भी यह दोनों पद अब भाजपा के पास ही रह जाएंगे, क्योंकि वर्तमान में अभी भी भाजपा के पास बहुमत है इसलिए इस पूरे चुनाव प्रक्रिया में भले ही कांग्रेस, आम आदमी पार्टी की जीत में अपनी जीत देख रही है लेकिन असल में उसके हाथ खाली हैं।
प्रदेश अध्यक्ष बोले-सच की लड़ाई के लिए कुर्बानी देने को तैयार
इस मुद्दे पर चंडीगढ़ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष एचएस लक्की ने कहा कि उन्हें कोई शिकायत नहीं है। जब अमृत मंथन होता है तो उसमें से अमृत भी निकलता है और विष भी निकलता है। कांग्रेस विष पीने को तैयार है। उन्होंने कहा कि सच की लड़ाई के लिए गुरुओं ने बहुत सारी कुर्बानियां दी हैं, अगर कांग्रेस को एक कुर्बानी देनी भी पड़े तो कोई परेशानी नहीं है।