शिक्षा निदेशालय की ओर से फील्ड अफसरों को छह बार लिखा चुका है पत्र
बार-बार मांगने पर भी जानकारी नहीं दे रहे स्कूल मुखिया
चंडीगढ़। हरियाणा के सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे नौनिहालों की सुरक्षा को देखते हुए पांच साल पहले हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने शिक्षा विभाग से स्कूलों के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन तारों का ब्योरा मांगा था। लेकिन विभाग की घोर लापरवाही के चलते आज तक यह रिपोर्ट आयोग को नहीं मिल पाई है। फील्ड में तैनात अफसरों की स्थिति का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि शिक्षा निदेशालय की ओर से आयोग का हवाला देते हुए पिछले तीन साल में छह बार पत्र लिखकर जानकारी मांगी जा चुकी है, लेकिन आज तक ऐसी कोई सूची तैयार नहीं हो पाई है। अब मौलिक शिक्षा निदेशक ने सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को फटकार लगाते हुए ब्यौ मांगा है।
प्रदेश में हाईटेंशन तारों के कारण हो रहे हादसों के चलते मानवाधिकार आयोग हरियाणा ने स्वत: संज्ञान लेते हुए केस नंबर 526/3/2019 के तहत शिक्षा विभाग से प्रदेशभर में स्कूलों के ऊपर से गुजर रही हाइटेंशन तारों की रिपोर्ट तलब की थी। आयोग की मंशा है कि ऊपर स्कूलों को चिन्हित किया जाए, जहां पर खतरा है और इसको दूर करने के लिए आगामी रणनीति तैयार की जाए। लेकिन जिला शिक्षा अधिकारियों और स्कूल मुखिया यह जानकारी देने को लेकर गंभीर हैं। मानवाधिकार आयोग की फटकार के बाद मौलिक शिक्षा निदेशक 25 नवंबर 2021, 20 दिसंबर 2021, 6 दिसंबर 2022, 10 मई 2023 और 20 जून 2023 को पत्र जारी कर ब्योरा मांग चुके हैं। लेकिन मुख्यालय के आदेशों को भी फील्ड अधिकारियों को दरकिनार कर दिया। अब नए लिखे पत्र में निदेशालय ने कहा कि बार-बार पत्र लिखने के बावजूद भी सूचना मुहैया नहीं करवाई जा रही है। निदेशालय ने जिलावार रिपोर्ट तलब करते हुए कहा कि राजकीय प्राथमिक पाठशाला और राजकीय माध्यमिक विद्यालय के प्रागंण व ग्राउंड के ऊपर से गुजर रही 33केवी या इससे अधिक हाइटेंशन तार की जानकारी मुहैया करवाई जाए और तारों को हटवाने के लिए यूएचबीवीएन व डीएचबीवीएन को पत्र लिखा जाए।
स्कूल व काॅलेजों में आज और कल रहेगा अवकाश
प्रदेश में छठे चरण में 25 मई को मतदान होगा। 24 मई को पोलिंग पार्टियां मतदान के लिए रवाना होगा। मतदान को देखते हुए चुनाव आयोग के निर्देशानुसार जिला प्रशासन की ओर से सभी स्कूल व काॅलेजों में अवकाश घोषित किया गया है। दरअसल, स्कूल व काॅलेजों में मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इसके साथ ही स्कूल व काॅलेजों में पढ़ने वाले युवाओं को वोट के लिए भी प्रेरित किया है।