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इलेक्ट्रिक वाहन नीति: हरियाणा में EV निर्माताओं को मिलेगी विशेष छूट, बिक्री बढ़ाने पर भी सरकार का फोकस

Fri, 23 Sep 2022 12:59 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि हरियाणा में विकास की गति बढ़ रही है। इसका सबूत पिछले आठ वर्षों में प्रदेश में वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ी है। जीवाश्म ईंधन पर चलने वाले वाहन पर्यावरण प्रदूषण का प्रमुख स्रोत हैं और गंभीर स्वास्थ्य खतरे पैदा कर रहे हैं। इसलिए वैकल्पिक स्वच्छ व पर्यावरण अनुकूल प्रौद्योगिकियों को लागू करना जरूरी हो गया है।
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हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल। - फोटो : @mlkhattar (फाइल फोटो)
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विस्तार
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वायु प्रदूषण कम करने के लिए हरियाणा सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों का निर्माण और बिक्री बढ़ाने में जुट गई है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल के निर्देश पर इलेक्ट्रिक वाहन निर्माताओं को अपने उद्योग स्थापित करने व पहले से स्थापित उद्योगों को इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण के लिए अनेक छूट देने का निर्णय लिया गया है। इसके पीछे उद्देश्य अधिक से अधिक निर्माताओं को हरियाणा में उद्योग लगाने के लिए आकर्षित करना है।

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इलेक्ट्रिक-वाहन बनाने, वाहनों की बैटरी, उपकरण व चार्जिंग स्टेशन के लिए बुनियादी सुविधाएं देने वाले उद्योगों को हरियाणा इलेक्ट्रिक-व्हीकल पॉलिसी-2022 के तहत विशेष लाभ दिए जाएंगे। सरकार को राज्य में बिजली से चलने वाले इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री की पूरी उम्मीद है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि हरियाणा में विकास की गति बढ़ रही है। 

इसका सबूत पिछले आठ वर्षों में प्रदेश में वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ी है। जीवाश्म ईंधन पर चलने वाले वाहन पर्यावरण प्रदूषण का प्रमुख स्रोत हैं और गंभीर स्वास्थ्य खतरे पैदा कर रहे हैं। इसलिए वैकल्पिक स्वच्छ व पर्यावरण अनुकूल प्रौद्योगिकियों को लागू करना जरूरी हो गया है।
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इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग लगाने पर ये मिलेंगी छूट

  • निर्धारित पूंजीगत निवेश में पूंजीगत सब्सिडी दी जाएगी
  • सूक्षम उद्योग श्रेणी में पहली 20 इकाइयों को निर्धारित पूंजीगत निवेश की 25 प्रतिशत या अधिकतम 15 लाख रुपये सब्सिडी मिलेगी
  • लघु उद्योग श्रेणी में पहली 10 इकाइयों को निर्धारित पूंजीगत निवेश की 20 प्रतिशत या अधिकतम 40 लाख रुपये सब्सिडी मिलेगी
  • मध्यम उद्योगों की श्रेणी में पहली पांच इकाइयों को निर्धारित पूंजीगत निवेश की 20 प्रतिशत या अधिकतम 50 लाख रुपये सब्सिडी मिलेगी
  • भारी उद्योगों की श्रेणी में पहली दो इकाइयों को निर्धारित पूंजीगत निवेश की 10 प्रतिशत या अधिकतम 10 करोड़ रुपये सब्सिडी दी जाएगी
  • मेगा उद्योगों की श्रेणी में पहली तीन इकाइयों को निर्धारित पूंजीगत निवेश की 20 प्रतिशत या अधिकतम 20 करोड़ रुपये सब्सिडी मिलेगी
  • सब्सिडी के लिए उद्योगों को दोपहिया, तिपहिया, चार पहिया, बस व भारी वाहन का निर्माण करना होगा   
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