चंडीगढ़। इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) चार्जिंग स्टेशन को लेकर नगर निगम ने सोमवार को प्रशासन को जवाब भेज दिया। निगम ने जवाब में कहा है कि सदन ने चार्जिंग स्टेशन की साइट के लिए कमेटी बनाने का फैसला लिया है। इस मामले पर सलाहकार धर्मपाल ने कहा कि अब वह इंतजार नहीं करेंगे और चार्जिंग स्टेशन लगाने के लिए क्रेस्ट को दो-तीन दिनों में एनओसी जारी कर दी जाएगी।
इलेक्ट्रिक वाहन नीति के अनुसार यूटी प्रशासन, नगर निगम की 32 पार्किंग में चार्जिंग स्टेशन और बैटरी स्वैपिंग स्टेशन स्थापित करना चाहता है। इसे लेकर पिछली सदन की बैठक में भी प्रस्ताव लाया गया था लेकिन सदन ने खारिज कर दिया था। इसके बाद प्रशासन ने पंजाब म्युनिसिपल कॉरपोरेशन एक्ट 1976 (एक्सटेंडेड टू चंडीगढ़) के सेक्शन 405 का हवाला देकर आखिरी नोटिस दिया और 10 दिन में चार्जिंग स्टेशन लगाने को लेकर जवाब मांगा। साथ ही कहा कि अगर 10 दिन में जवाब नहीं आएगा तो वह सेक्शन 406 के तहत खुद फैसला ले लेंगे। 17 अक्टूबर को सदन में फिर प्रस्ताव लाया गया लेकिन इस बार पार्षदों ने स्टेशन की साइट तय करने के लिए एक कमेटी बनाने का फैसला लिया। नगर निगम ने सोमवार को अपना जवाब प्रशासन को भेज दिया। जवाब में कहा गया है कि सदन में सर्वसम्मति से फैसला किया है कि एसई (बीएंडआर), तीन पार्षद समेत स्थानीय पार्षद, मार्केट वेलफेयर एसोसिएसन, क्रेस्ट के नुमाइंदों की एक कमेटी बनाई जाएगी, जो विभिन्न इलाकों का दौरा करेगी और साइट को लेकर एक रिपोर्ट देंगे। नगर निगम की आयुक्त आनिंदिता मित्रा ने जवाब भेजने की पुष्टि की है। कहा कि सदन के फैसले की ही प्रशासन को जानकारी भेजी गई है।
प्रशासन कमेटी के पक्ष में नहीं, खुद जारी करेंगे एनओसी
इस मामले पर प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल ने कहा कि चार्जिंग स्टेशन लगाने की काफी जरूरत है। प्रशासन अब अपने स्तर पर ही दो-तीन दिन में क्रेस्ट को एनओसी जारी कर देगा ताकि स्टेशन लगाने का काम शुरू हो सके। सलाहकार ने कहा कि पहले ही काफी इंतजार किया जा चुका है। बता दें कि प्रशासन ने निगम को पत्र लिखकर कहा था कि अगर वह जल्द फैसला नहीं लेंगे तो पंजाब म्युनिसिपल कॉरपोरेशन एक्ट 1976 (एक्सटेंडेड टू चंडीगढ़) के सेक्शन 406 के तहत खुद ही निगम की पार्किंग में चार्जिंग स्टेशन और बैटरी स्वैपिंग स्टेशन स्थापित करने के आदेश जारी कर देंगे।
सदन में सीनियर डिप्टी मेयर ने कहा था- प्रशासन ने तय कर लिया है तो हम समय क्यों खराब कर रहे
17 अक्तूबर को हुई सदन की बैठक में ईवी चार्जिंग स्टेशन के मुद्दे पर काफी चर्चा हुई थी। सीनियर डिप्टी मेयर कंवरजीत राणा ने कहा था कि जब प्रशासन ने तय कर ही लिया है कि वह नगर निगम की पार्किंग में चार्जिंग स्टेशन लगाएंगे तो फिर नगर निगम अपना समय क्यों खराब कर रहा है। कहा कि अगर अभी निगम अपनी जगह देने से इन्कार कर दे और बाद में प्रशासन खुद फैसला लेकर वहां पर चार्जिंग स्टेशन लगवा दे तो फिर पार्षदों का और सदन का सर झुकता है। पहले भी कई बार ऐसा हो चुका है। हालांकि, मेयर अनूप गुप्ता ने एजेंडा को पास करने के बजाय एक कमेटी बनाने का सुझाव दिया था, जिसे सभी पार्षदों की मंजूरी के बाद पास किया गया था।