पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब में 4500 ईटीटी की भर्ती के मामले में पंजाब सरकार को नोटिस जारी किया है। पंजाब के शिक्षा विभाग की ओर से ईटीटी की भरती के लिए तय शैक्षिक योग्यता में किए गए फेरबदल को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। जस्टिस राजमोहन सिंह ने याचिका पर सुनवाई करते हुए मामले की अगली सुनवाई 7 जुलाई तय की है।
याचिकाकर्ता मंटू कुमार व अन्य की ओर से कोर्ट में उपस्थित एडवोकेट एके जैन ने बताया कि पंजाब सरकार ने 9 नवंबर, 2015 को 3522 ईटीटी की भरती के लिए विज्ञापन निकाला, जिसे बाद में टीचरों की संख्या बढ़ाकर 4500 ईटीटी कर दी गई।
उन्होंने कोर्ट को बताया कि ईटीटी पद पर भरती के लिए पहले से तय योग्यता के आधार पर आवेदक का दस जमा दो पास होना और दो साल का जूनियर कोर्स इन ईटीटी होना जरूरी है, लेकिन योग्यता के इस मापदंड में बदलाव करते हुए सरकार ने ईटीटी पद के आवदेकों के लिए पंजाब अध्यापक पात्रता परीक्षा (पीएसटीईटी) पास होना अनिवार्य कर दिया है।
इसके लिए सरकार का दावा है कि आरटीई के नियमों के तहत यह कदम उठाया गया है। याचिका में आगे कहा गया कि पीएसटीईटी के साथ ही यह शर्त भी लगा दी गई है कि इस स्किल टेस्ट में हासिल किए नंबरों के आधार पर ही चुने गए आवेदकों की मेरिट लिस्ट तैयार होगी। याचिका में कहा गया है कि सरकार ने ईटीटी के लिए पूर्व निर्धारित शर्तों को पूरी तरह दरकिनार करते हुए जो शर्त लगाई है, वह नियमों के खिलाफ है।