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Chandigarh News: एस्टेट ऑफिस का क्लर्क 20 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार

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चंडीगढ़। सीबीआई ने चंडीगढ़ एस्टेट ऑफिस के क्लर्क राज कमल को सोमवार दोपहर 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथों गिरफ्तार किया। आरोपी के खिलाफ सीबीआई थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत केस दर्ज किया गया है। उसे मंगलवार सुबह अदालत में पेश किया जाएगा। शिकायतकर्ता देशराज ने सीबीआई को बताया था कि सेक्टर-46 स्थित हाउसिंग बोर्ड रेहड़ी मार्केट में उनकी एक किराए की बूथ (कियोस्क) है। उन्हें कुछ दिन पहले 5.5 लाख रुपये के बकाये संबंधी नोटिस मिला था। नोटिस को लेकर वह एस्टेट ऑफिस पहुंचे तो उनकी मुलाकात डीलिंग क्लर्क राज कमल से हुई। क्लर्क ने उन्हें बताया कि उन्हें 5.5 लाख नहीं बल्कि करीब 12.56 लाख रुपये का भुगतान करना है। आरोप है कि बातचीत के बीच क्लर्क ने इस राशि में से करीब 4-5 लाख रुपये की कम करने की बात कही और इसके बदले उनसे 1.5 लाख रुपये की रिश्वत मांगी और दावा किया कि वह उनका काम बिना किसी रोक-टोक के करवा देगा। बातचीत के बाद सौदा 1.20 लाख रुपये तय हो गया।
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बूथ संचालक देशराज ने इसकी जानकारी सीबीआई को देते हुए क्लर्क के खिलाफ लिखित शिकायत दे दी। उधर, आरोपी ने देशराज को रिश्वत की पहली किस्त के तौर पर 20 हजार रुपये देने के लिए बुलाया। सीबीआई को जैसे ही इसका पता चला उन्होंने आरोपी क्लर्क को पकड़ने के लिए जाल बिछा दिया। सीबीआई ने शिकायतकर्ता देशराज को रंग लगे नोट आरोपी को देने के लिए दिए। सोमवार दोपहर को देशराज एस्टेट कार्यालय पहुंचा और जैसे ही क्लर्क राज कमल को 20 हजार रुपये पकड़ाए, सीबीआई ने मौके पर पहुंचकर उसे गिरफ्तार कर लिया। मौके पर ही क्लर्क से रंग लगे नोट बरामद कर उनके सीरियल नंबर मिलाए गए और उसके हाथ धुलवाए गए।
गिरफ्तारी के बाद सीबीआई टीम ने आरोपी राज कमल के कार्यालय और घर की भी तलाशी ली और कुछ फाइलों को कब्जे में ले लिया।

चार महीने में भ्रष्टाचार के आधा दर्जन मामले
शहर में बीते चार महीने में भ्रष्टाचार से जुड़े करीब आधा दर्जन मामले सामने आ चुके हैं। अप्रैल में सीबीआई ने अजय कुमार की शिकायत पर सेक्टर-17 थाना के एडिशनल एसएचओ बलविंद्र सिंह सहित पीओ सेल के एएसआई हरमीत सिंह को 10 हजार रुपये की रिश्वत सहित गिरफ्तार किया था। अप्रैल में ही सीबीआई की टीम ने सेक्टर-23 में यमुनानगर के साइबर थाना प्रभारी बलवंत सिंह को 5 लाख रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था जबकि विजिलेंस टीम ने स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत कार्यरत कंपनी के तीन अधिकारियों को कर्मियों से 5-5 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। वहीं, एक सप्ताह पहले सीबीआई ने सेक्टर-26 थाने में तैनात एएसआई को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़ने के लिए छापा मारा था लेकिन आरोपी एएसआई ट्रैप का पता लगते ही रिश्वत के पैसे किसी अन्य एएसआई को देकर फरार हो गया था। उसी देर शाम को रिश्वत मांगने वाले एएसआई ने जहरीला पदार्थ निगलकर आत्महत्या कर ली थी।
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