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गजब: यहां शादियों में दहेज नहीं, गमले देते हैं लोग

Mon, 10 Nov 2014 01:26 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, जींद
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क्या आप जानते हैं कि हरियाणा में एक शहर ऐसा भी है, जहां लड़कियों की शादी में दहेज नहीं, गमले दिए जाते हैं। इस अनूठी पहल को प्रदेश सरकार ने भी सराहा है।
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प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर द्वारा दोनों लड़कियों को एक-एक लाख रुपये अनुदान देने की घोषणा की घोषणा से उनके घरों में खुशी का माहौल है। सरकार की इस घोषणा के बाद मायके और ससुराल पक्ष दोनों जगह मिठाइयां बांटी जा रही हैं।

नव विवाहिता दामिनी और चंचल का कहना है कि वे आठवें और नौंवे फेरे का वचन निभाएंगी। दामिनी का कहना है कि मैं अपने आपको काफी गर्वित महसूस कर रही हूं कि प्रदेश के मुख्यमंत्री हम दोनों बहनों को सम्मानित करेंगे। इस पहल से समाज में भी पर्यावरण सुरक्षा व भ्रूण हत्या के प्रति जागरूकता फैलेगी तथा लड़की को बोझ नहीं समझा जाएगा।
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11-11 गमले दान दिए ‌थे शादी में

3 नवंबर को हकीकत नगर में जेबीटी अध्यापक जगदीप ने अपनी लड़की चंचल और भतीजी दामिनी की शादी में 11-11 गमले दान दिए थे। इस अनूठी शादी में दूल्हा और दुल्हन को सात की जगह नौ फेरे करवाए गए थे।

वर- वधू को आठवें फेरे में कन्या भ्रूण हत्या के विरोध में और नौंवा फेरा पर्यावरण की सुरक्षा का वचन दिलवाया गया। पर्यावरण की सुरक्षा को लेकर शुरू की गई पहल से प्रभावित होकर मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने दोनों लड़कियों को एक-एक लाख रुपये अनुदान करने की घोषणा की है।

जगदीप ने बताया कि उसे मुख्यमंत्री की घोषणा के बारे में सूचना रिश्तेदारों तथा मित्रों के द्वारा ही फोन से मिली। इससे घर व आस पड़ोस में जश्न का माहौल है।
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पर्यावरण प्रेमी हैं जगदीप

मूल रूप से कोयल निवासी जगदीप करीब 25 साल पहले जींद आकर रहने लगे। उन्होंने घर के आगे 150 गज के प्रांगण और 250 गज क्षेत्रफल की छत पर लगभग 150 किस्म के पौधे लगाए हैं। जगदीप धनखड़ी गांव के जीपीएस स्कूल में जेबीटी टीचर हैं।

वहां भी उन्होंने विद्यार्थियों को पर्यावरण की सुरक्षा के लिए प्रेरित किया। कोयल गांव में पानी की कमी है, इसके बावजूद स्कूल में पौधों को पानी देने के लिए अलग ही तरकीब निकाल रखी है। पौधों को पानी देने के लिए हर रोज सुबह विद्यार्थी अपने साथ घर से बोतलों में पानी भरकर लाते हैं।  

होगी एक नई पहल शुरू
मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने एक लाख अनुदान राशि देने की घोषणा की है, उससे मैं अपने आपको गौरवान्वित महसूस कर रही हूं। इसके लिए मैं माननीय मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करती हूं। मेरे पिता ने दान में गमले देने की जो अद्भुत पहल की है, उससे समाज में पर्यावरण के प्रति जागरूकता फैलेगी।
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