अब प्रदूषण रहित वातावरण बनाने के लिए उद्योगों ने भी कमर कस ली है। सीआईआई हेडक्वार्टर चंडीगढ़ में इंडस्ट्री में ग्रीनरी के लिए ऊर्जा कुशल प्रणाली और पर्यावरण स्थिरता पर दो दिवसीय ट्रेनिंग प्रोग्राम का आयोजन किया गया।
इसका उद्देश्य सिर्फ पर्यावरण में स्थिरता रखना नहीं बल्कि प्रोडक्शन में ऊर्जा कुशल प्रणाली का प्रयोग करना शामिल है। भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय के ऊर्जा एफीशिएंसी ब्यूरो द्वारा सर्टिफाइड अनुभवी एनर्जी आडिटर्ज द्वारा यह ट्रेनिंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस ट्रेनिंग प्रोग्राम में कैडबरी इंडिया लिमिटेड, गोदरेज, हिंदुस्तान यूनीलिवर लिमिटेड, जिंदल स्टेनलेस स्टील, जान डेयर, मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड, मैक्स इंडिया लिमिटेड, पी एंड जी जिलेट इंडिया लिमिटेड, पंजाब स्टेट काउंसिल फार साइंस एंड टेक्नोलाजी, टीवीएस मोटर्स लिमिटेड के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
सीनियर काउंसिलर संजय नामदेओ ने कहा कि सीआईआई दस वर्ष से भी अधिक समय से काउंसिलिंग और ऊर्जा (ऐनर्जी) की खपत 10-30 प्रतिशत कम करके इंडस्ट्री की मदद कर रहा है।
सीआईआई के ग्रीनको रेटिंग सिस्टम में पायनियर बिजनेस को गो-ग्रीन और देश के डेवलपमेंट प्रोसेस के अनुसार बढ़ाने में मदद कर रहा है। इस वर्कशाप में एडवांस एयर पाइपिंग सिस्टम पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। कंप्रेस्ड एयर की बर्बादी को कम करना जरूरी है।
इस मौके पर विशेषज्ञों ने एनर्जी मैनेजमेंट में लेटस्ट ट्रेंड की जानकारी दी। उद्यमियों के अनुसार इंडस्ट्री अभी भी पुराने तरीकों का उपयोग कर रही है, जिससे बिजली की खपत बढ़ती है। कार्यक्रम के दूसरे दिन थर्मल एनर्जी कंजरवेशन और एनर्जी मैनेजर के रोल पर जानकारी दी जाएगी।