निजी स्कूलों पर सख्ती, विभाग ने जारी की ईडब्ल्यूएस सीटों की जानकारी
शिक्षा विभाग ने गुरुवार को सभी निजी (अल्पसंख्यक और गैर-अल्पसंख्यक) स्कूलों को पत्र जारी कर स्पष्ट कर दिया कि उन्हें ईडब्ल्यूएस के लिए सीटें आरक्षित रखनी होंगी। विभाग की तरफ से जारी पत्र में कहा है कि गैर-अल्पसंख्यक स्कूलों में 25 फीसदी सीटें और अल्पसंख्यक स्कूलों को 15 फीसदी सीटें आरक्षित रखनी होंगी।
अल्पसंख्यक स्कूल ईडब्ल्यूएस के लिए सीटें आरक्षित रखने पर आनाकानी करते आए हैं। इसलिए विभाग ने अलॉटमेंट ऑफ लैंड टू एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन स्कूल चंडीगढ़ स्कीम-1996 के नियमों का हवाला देते हुए कहा है कि अल्पसंख्यक स्कूलों को भी ईडब्ल्यूएस के लिए सीटें रखनी होंगी। विभाग ने सभी निजी स्कूलों में सीटों की सामान्य संख्या और ईडब्ल्यूएस सीटों की संख्या को भी सार्वजनिक किया है। चेतावनी दी है कि सभी स्कूलों को ईडब्ल्यूएस के नियमों का पालन करना होगा। नहीं तो कार्रवाई की जा सकती है।
सरकारी स्कूलों में एंट्री कक्षाओं के लिए दाखिला प्रक्रिया 15 दिसंबर के बाद शुरू होगी। स्कूलों के हो रहे ऑडिट के कारण प्रक्रिया में देरी हुई है। निजी स्कूलों में एंट्री कक्षाओं के ईडब्ल्यूएस दाखिला प्रक्रिया पारदर्शी हो, इसलिए विभाग हर उचित कदम उठाया जा रहा है। - हरसुहिंदर पाल सिंह बराड़, निदेशक, शिक्षा विभाग।