एनकाउंटर में अपार्टमेंट में रहने वाली छह वर्षीय एक बच्ची और एक एएसआई भी गोली लगने से घायल हुए हैं। खास बात यह है कि राजस्थान के डीजीपी कपिल गर्ग ने एनकाउंटर से एक दिन पहले ही 6 फरवरी को अंकित भादू पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। तीनों गैंगस्टर महालक्ष्मी अपार्टमेंट की तीसरी मंजिल पर स्थित फ्लैट में पिछले चार महीनों से किराए पर रह रहे थे।
एनकाउंटर को लीड कर रहे आर्गेनाइज्ड क्राइम कंट्रोल (ओसीसी) यूनिट के एआईजी गुरमीत चौहान ने बताया कि अंकित भादू लारेंस बिश्नोई गिरोह का नामी गैंगस्टर था, जिसकी पंजाब, हरियाणा औ राजस्थान तीनों राज्यों की पुलिस को लंबे समय से तलाश थी। अंकित भादू के विरुद्ध उक्त तीनों राज्यों में 20 से 22 कत्ल, लूट, फिरौती समेत कई संगीन मामले दर्ज हैं।
पंजाब पुलिस की ओसीसी टीम को सूचना मिली थी कि गैंगस्टर अंकित भादू अपने दो साथियों के साथ उक्त जीरकपुर के पीरमुच्छला इलाके में महालक्ष्मी अपार्टमेंट में छुपा हुआ है। जांच में उसके अपार्टमेंट की तीसरी मंजिल के फ्लैट नंबर-6सी में रहने की पुष्टि हो गई। इसके बाद पुलिस ने डीएसपी विक्रम बराड़ के नेतृत्व में एनकाउंटर टीम का गठन कर ऑपरेशन किया।
पुलिस ने फ्लैट में गुरुवार शाम करीब 5 बजे घुसने की कोशिश की लेकिन गैंगस्टरों ने दरवाजा नहीं खोला इसके बाद पुलिस टीम ने जबरदस्ती दरवाजा तोड़कर अंदर दाखिल होने की कोशिश शुरू कर दी, जिस पर अंदर मौजूद अंकित भादू ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस से बचने के लिए अंकित भादू ने तीसरी मंजिल स्थित अपने फ्लैट की बालकनी से निचले फ्लैट में छलांग लगा दी और उक्त फ्लैट में रह रहे परिवार को बंधक बना लिया।
परिवार में मां समेत दो बच्चियां थीं। अंकित ने पुलिस पर दबाव बनाने के लिए छह वर्षीय एक बच्ची अक्षिता को मां से छीनकर बालकनी में पुलिस के सामने ले आया ताकि पुलिस उसके रास्ते से हट जाए लेकिन डीएसपी विक्रमजीत ने अंकित को सरेंडर करने के लिए कहा, इस पर अंकित ने डीएसपी पर गोलियां चला दीं। इसके जवाब में दोनों तरफ से फायरिंग हुई।
इसके बाद अंकित ने बच्ची के सिर पर पिस्टल लगा दिया और उसे जान से मारने की धमकी दी ताकि पुलिस पीछे हट जाए। लेकिन इतने में स्पेशल फोर्स के कमांडो ने तीसरी मंजिल की बालकनी से नीचे दूसरी मंजिल की बालकनी में छलांग लगाकर अंकित को काबू करना चाहा, इसी दौरान अंकित ने अपनी पिस्टल से एएसआई सुखविंदर सिंह को गोली मार दी, जिसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई कर अंकित को ताबड़तोड़ दो गोलियां मारीं। इसके बाद पुलिस उसको जख्मी हालत में डेराबस्सी स्थित सिविल अस्पताल ले आई, जहां पर डॉक्टरों ने अंकित को मृत घोषित कर दिया।
एआईजी गुरमीत चौहान ने बताया कि पुलिस ने पूरे आपरेशन को करीब 35 मिनट में अंजाम दिया और गैंगस्टरों से भारी मात्रा में गोली और हथियार बरामद हुए हैं। मौके पर जिला मोहाली के एसएसपी कुलदीप चहल, समेत अन्य पुलिस के आला अधिकारी भी उपस्थित थे। ढकोली पुलिस थाने में पकड़े गए गैंगस्टरों खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
राजस्थान के हिस्ट्रीशीटर जॉर्डन की हत्या का मुख्य आरोपी
राजस्थान के श्रीगंगानगर में पुरानी आबादी के मोहर सिंह चौक निवासी हिस्ट्रीशीटर जॉर्डन उर्फ विनोद चौधरी पर 23 मई 2018 को ताबड़तोड़ फायरिंग कर उसकी हत्या कर दी गई थी। वारदात को तब अंजाम दिया गया जब जॉर्डन इंदिरा वाटिका के पास मेटालिका जिम में सुबह करीब पांच बजे वर्क आउट करने गया था।
अंकित भादू जॉर्डन की हत्या का मुख्य आरोपी था। राजस्थान पुलिस को उसकी तलाश थी। मगर इस कुख्यात बदमाश का कोई पता नहीं चल पा रहा था। इसकी सूचना देने पर 50 हजार रुपये का इनाम रखा गया था, जिसे छह फरवरी को बढ़ाकर एक लाख रुपया कर दिया गया था।
डीएसपी विक्रम बराड़ के नेतृत्व में एक और सफल ऑपरेशन
पंजाब के मशहूर गैंगस्टर विक्की गौंडर का एनकाउंटर करने वाले इंस्पेक्टर को पंजाब सरकार ने डीएसपी बनाया था। राज्य सरकार कैबिनेट बैठक में यह निर्णय लिया था। उल्लेखनीय है कि 26 जनवरी, 2018 में पंजाब पुलिस द्वारा पंजाब-राजस्थान सीमा पर स्थित गांव पक्की ढाणी में पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में विक्की गौंडर, मप्रेमा लाहौरिया समेत तीन लोगों की मौत हो गई थी।
इस एनकाउंटर की अहम भूमिका उस समय इंस्पेक्टर विक्रम बराड़ जिन्होंने आज के एनकाउंटर की अगुवाई की। इस एनकाउंटर पर पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने विक्रम बराड़ को डीएसपी की तरक्की देकर नवाजा था।