हरियाणा की मनोहर लाल सरकार जल्द ही अमेरिका की तर्ज पर रोजगार रजिस्टर तैयार करेगी। रोजाना नौकरी-पेशा, बेरोजगारों, सक्षम और नौकरी पाने वालों का हिसाब रखा जाएगा। कितने रोजगार नए दिए, कितने बेरोजगार बढ़े, कितने कम हुए, कितने युवाओं को सरकारी या प्राइवेट नौकरी एक दिन में मिली, रोजगार रजिस्टर में उसका पूरा डाटा मेंटेन किया जाएगा। योग्यता के आधार पर बेरोजगारों का वर्गीकरण होगा, उसी आधार पर सरकारी नौकरियां भी निकाली जाएंगी। जिस श्रेणी में ज्यादा पद खाली पड़े हैं, उनमें योग्यता के आधार पर अधिक से अधिक नौकरियां देने की कोशिश सरकार करेगी।
ऐसा अभी देश के किसी राज्य में नहीं हो रहा है। हरियाणा यह पहल करने वाला पहला राज्य होगा। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल चाहते हैं कि रोजगार रजिस्टर का सिस्टम जल्दी से जल्दी चलन में आए। इसके लिए उन्होंने उच्च अधिकारियों के साथ मंत्रणा भी शुरू कर दी है। सरकार रोजगार रजिस्टर को हाल ही में शुरू की गई महत्वाकांक्षी योजना परिवार पहचान पत्र से जोड़ेगी। जिससे रोजाना डाटा एकत्रीकरण आसान होगा। प्रदेश में फरवरी 2019 तक 6 लाख 18 हजार 565 पंजीकृत बेरोजगार हैं, जबकि अपंजीकृत बेरोजगारों का आंकड़ा इससे कई गुणा है।
भिवानी जिले में सबसे अधिक पंजीकृत बेरोजगार
भिवानी जिले में सबसे अधिक 57685 पंजीकृत बेरोजगार हैं। बाकि जिलों जींद में 53553, हिसार में 49700, करनाल में 46382, यमुनानगर में 41376, सोनीपत में 39478, रोहतक में 34242, झज्जर में 30617, कुरुक्षेत्र में 30260, फरीदाबाद में 29930, सिरसा में 28837, कैथल में 28344, पानीपत में 27865, अंबाला में 25888, फतेहाबाद में 22856, नारनौल में 22695, रेवाड़ी में 19125, गुरुग्राम में 10166, नूंह में 9997, पंचकूला में 9569 पंजीकृत बेरोजगार हैं। जबकि, 85152 युवाओं को प्रदेश सरकार बेरोजगारी भत्ता दे रही है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल के एजेंडे में सबसे ऊपर पंजीकृत बेरोजगार हैं, जिन्हें रोजगार कार्यालयों के माध्यम से सरकारी व गैर सरकारी नौकरियों में पात्रता अनुसार ऐडजस्ट करना है। चूंकि, हाल ही में बेरोजगारी को लेकर आए सर्वे में हरियाणा की स्थिति भी काफी खराब दिखाई गई है।