-ओपीएस, आठवें पे कमीशन के गठन समेत पक्का करने की मांग
-लोगों से राय लेने के बाद करेंगे किसी राजनीतिक दल के समर्थन का फैसला
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पुरानी पेंशन, आठवें पे कमीशन का गठन व ठेका कर्मियों की रेगुलराइजेशन आदि मांगों को लेकर कर्मचारी देशभर में जन जागरण अभियान चलाएंगे। इस अभियान के तहत सभी राज्यों में कर्मचारी सभाओं का आयोजन किया जाएगा। कर्मचारी संगठन मुख्य राजनीतिक दलों को ज्ञापन भेजकर कर्मचारी मांगों पर अपने दल का रुख स्पष्ट करने की मांग भी करेंगे। राजनैतिक दलों के रुख को देखकर ही कर्मचारी एवं उनके परिजन लोकसभा चुनाव में मत देने का फैसला करेंगे।
अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष लांबा ने कहा कि कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में उपरोक्त के अलावा केंद्र एवं राज्य सरकारों और पीएसयू में खाली पड़े करीब एक करोड़ पदों पर स्थायी भर्ती करने, पीएसयू के निजीकरण व सरकारी विभागों के डाउन साइजिंग की नीतियों पर रोक लगाने, लोकतांत्रिक एवं ट्रेड यूनियन अधिकारों की रक्षा करने, कोरोना काल में फ्रीज किए 18 महीने के बकाया डीए डीआर का भुगतान करने, एचआरए के स्लैब में बदलाव कर 10, 20 व 30 प्रतिशत करने, पेंशनर्स की 65, 70 व 75 साल की उम्र में बेसिक पेंशन में 5 प्रतिशत बढ़ोतरी करने की मांग शामिल हैं। सुभाष लांबा ने बताया कि केंद्र एवं राज्य कर्मचारी पिछले करीब एक साल से उक्त मांगों को लेकर निरंतर आंदोलन चलाए हुए हैं। इस कड़ी में कर्मचारी पिछले साल तीन नवंबर को रामलीला मैदान नई दिल्ली में चेतावनी रैली करने के बाद 16 फरवरी को राष्ट्रव्यापी हड़ताल कर सरकार को अपनी ताकत दिखा चुके हैं। लांबा का कहना है कि सरकार ने तीनों मांगों को मानने से इन्कार कर दिया है, जबकि कांग्रेस ने भी अपने घोषणा पत्र में पुरानी पेंशन बहाली का वादा न करके कर्मचारियों को निराश ही किया है।