चंडीगढ़। ऑल इंडिया स्टेट गवर्नमेंट एंप्लाइज फेडरेशन ने केंद्र सरकार की ओर से घोषित यूपीएस (यूनिफाइड पेंशन स्कीम) को कर्मचारियों के साथ धोखा बताया है। फेडरेशन ने इसके खिलाफ 26 सितंबर को देशभर में विरोध प्रदर्शन करने का ऐलान कर दिया है। प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष लांबा ने यह जानकारी देते हुए बताया कि कर्मचारियों की कभी भी एनपीएस में कोई भी संशोधन या सुधार की मांग नहीं रही है। कर्मचारियों की मांग पीएफआरडीए एक्ट रद्द कर पुरानी पेंशन बहाली, राजस्थान, छत्तीसगढ़ व झारखंड आदि राज्यों व कर्मचारियों का पीएफआरडीए में जमा अंशदान को वापस करने और ईपीएस 95 के लाभार्थियों को भी ओपीएस (ओल्ड पेंशन स्कीम) में शामिल करने की रही है। इस मांग को लेकर ऑल इंडिया स्टेट गवर्नमेंट एंप्लाइज फेडरेशन व अन्य संगठन निरंतर आंदोलन कर रहे हैं। महाराष्ट्र के कर्मचारी पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर 29 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जा रहे हैं। झारखंड में हड़ताल चल रही है और हरियाणा व जेएंडके के कर्मचारी भी आंदोलन की राह पर है। इन चारों राज्यों में विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं। सरकार ने यूपीएस की घोषणा करके चुनावी लाभ लेने का प्रयास किया है, लेकिन इसमें सफलता नहीं मिलेगी। उन्होंने सवाल किया कि अगर ऐसा है तो सरकार ने पीएफआरडीए एक्ट को रद्द कर पुरानी पेंशन लागू क्यों नहीं की। उन्होंने कहा कि यूपीएस तो एनपीएस (न्यू पेंशन स्कीम) से भी खराब है।