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Chandigarh News: नई परिवहन नीति में हर गांव को बस सुविधा से जोड़ने पर दिया जाएगा जोर

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-परिवहन नीति के लिए परिवहन समितियों के प्रतिनिधियों से लिए सुझाव
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-हरियाणा रोडवेज के बड़े अधिकारियों ने भी दर्ज करवाई निजी बसों के कुछ मसलों पर आपत्तियां

-फिर होगी बैठक, फाइनल ड्रॉफ्ट पर होगी चर्चा
अमर उजाला ब्यूरो

चंडीगढ़। सोमवार को हरियाणा भवन में हरियाणा की नई परिवहन नीति पर मंथन किया गया। प्रदेश के हर जिले से निजी बस संचालक परिवहन समितियों के प्रतिनिधियों के साथ परिवहन विभाग के आला अधिकारियों सहित हरियाणा रोडवेज के आला अधिकारी यहां जुटे। परिवहन नीति से जुड़े सभी पक्षों से नीति के लिए सुझाव आमंत्रित किए गए। नई परिवहन नीति में इस बात पर जोर दिया जाएगा कि हर गांव को बस सुविधा से जोड़ा जाए। निजी बस ऑपरेटर्स को खाली पड़े रूट्स पर बस सेवा मुहैया करवाने का अवसर दिया जाए। एक बार फिर से सभी पक्षों को अपने-अपने ड्रॉफ्ट के साथ आमंत्रित किया है। इसी ड्रॉफ्ट के सुझाव अनुसार नई परिवहन नीति बनाई जाएगी।

विदित रहे कि दो साल से हरियाणा परिवहन नीति बनाने की बात चल रही है। चार जुलाई को हुई कैबिनेट की बैठक में रखे गए नीति के ड्रॉफ्ट पर प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री सहित दो मंत्रियों ने भी सुझाव देते हुए इसे लंबित रखने की बात कही थी। इसके बाद से ही परिवहन नीति से जुड़े पक्षों को बातचीत के लिए बुलाया जा रहा है। इसी कड़ी में सोमवार को हरियाणा भवन में निजी बस संचालक परिवहन समितियों के प्रतिनिधियों को बुलाया। समितियों के प्रतिनिधियों ने अपने-अपने जिले की स्थिति के अनुसार सुझाव दिए। रोडवेज अधिकारियों ने भी कई रूटों पर निजी बस ऑपरेटर्स को परमिट दिए जाने की स्थिति में रोडवेज के संभावित नुकसान की बात कही। आला अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया कि हरियाणा रोडवेज को किसी भी स्तर पर नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। बैठक में फैसला लिया गया कि सभी पक्ष परिवहन नीति से संबंधित अपना-अपना ड्राफ्ट या रूट मैप तैयार करके लाएं। हरियाणा सरकार की नीति अनुसार उनके महत्वपूर्ण सुझावों को परिवहन नीति में शामिल किया जाएगा।
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निजी बस संचालकों की हरियाणा परिवहन समिति वेल्फेयर एसोसिएशन के महासचिव राजेश बांगड़ का कहना है कि उनका सुझाव यही है कि जहां रोडवेज की बसें नहीं रुकतीं, वहां ग्रामीण क्षेत्र में लंबे रूटों पर भी निजी बस ऑपरेटर्स को अवसर दिया जाए। इससे रोडवेज को भी नुकसान नहीं होगा और निजी बस संचालक भी अपनी बसें संचालित कर जनता को बस की सुविधा दे सकते हैं।
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