पंचकूला। सेक्टर-16 स्थित श्री सनातन धर्म मंदिर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में आगे बढ़ रही है। कथा के छठे दिन भगवान श्रीकृष्ण और माता रुक्मिणी के विवाह प्रसंग का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया गया। कथा वाचक आचार्य हर्षमणि ने इस प्रसंग के माध्यम से श्रोताओं को भक्ति, विश्वास और समर्पण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जब संसार में सभी रास्ते बंद हो जाते हैं, तब परमात्मा के द्वार भक्तों के लिए स्वतः खुल जाते हैं। सच्ची आस्था और निष्कलंक भाव से की गई प्रार्थना कभी व्यर्थ नहीं जाती। आचार्य ने रुक्मिणी के परम प्रेम, धैर्य और श्रीकृष्ण के प्रति अटूट विश्वास को जीवन का आदर्श बताते हुए कहा कि भक्त और भगवान का संबंध सांसारिक बंधनों से परे होता है। कार्यक्रम में एसपी चावला, मुकेश मित्तल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।