निजी कंपनी जिस दिन टेक ओवर करेगी, उसी दिन कर्मचारी कार्य बहिष्कार कर सड़कों पर उतरेंगे : सुभाष लांबा
चंडीगढ़। मुनाफे में चल रहे चंडीगढ़ बिजली विभाग के निजीकरण के खिलाफ कर्मचारी और उपभोक्ता लामबंद हो गए हैं। देश भर के कर्मचारियों और इंजीनियरों ने भी चंडीगढ़ के कर्मचारियों के आंदोलन के साथ एकजुटता प्रकट करते हुए छह दिसंबर को देशभर में विरोध प्रदर्शन करने का ऐलान किया है।
शुक्रवार को कर्मचारियों एवं उपभोक्ताओं के तीखे विरोध के बावजूद चंडीगढ़ पावर डिपार्टमेंट को निजी हाथों में सौंपने के खिलाफ शुक्रवार को सेक्टर-17 में इंजीनियर पदमजीत सिंह की अध्यक्षता में आक्रोश जन सभा का आयोजन किया गया। जनसभा में सर्व सम्मति से पारित प्रस्ताव में प्रशासन को कड़ी चेतावनी दी गई कि कर्मचारियों एवं उपभोक्ताओं के विरोध के बावजूद निजी कंपनी को लाभ पहुंचाने के लिए किसी जल्दबाजी में लेटर आफ इन्टेंट (एलओआई) कर पावर डिपार्टमेंट को निजी हाथों में सौंपने का प्रयास किया तो बिजली व अन्य विभागों के कर्मचारी कार्य बहिष्कार कर उपभोक्ताओं को साथ लेकर सड़कों पर उतरने पर मजबूर होंगे।
नेशनल कोआर्डिनेशन कमेटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी एम्प्लाइज एंड इंजीनियर के वरिष्ठ नेता शेलेन्द्र दुबे, सुभाष लांबा व मोहन शर्मा ने बताया कि चंडीगढ़ बिजली विभाग में 1780 पद स्वीकृत हैं। इसके विपरीत 540 रेगुलर कर्मचारी काम कर रहे हैं और 1240 पद खाली पड़े हुए हैं। लांबा ने चेताया कि निजी कंपनी जिस दिन टेक ओवर करेगी, उसी दिन से कर्मचारी कार्य बहिष्कार करके सड़कों पर उतरेंगे।