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हरियाणा में एग्रो इंडस्ट्रीज को सस्ती बिजली, फायदा मिला सिर्फ 2700 इकाइयों को, स्टडी रिपोर्ट तलब

Sat, 08 Aug 2020 11:23 AM IST
खुशबू गोयल मोहित धुपड़, चंडीगढ़

सार

  • आयोग ने कृषि संबद्ध विभागों, विश्वविद्यालय से मांगी डिटेल स्टडी रिपोर्ट
  • बिजली विनियामक आयोग के निर्देश, और इकाइयों को राहत के दायरे में लाएं
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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विस्तार
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एग्रो इंडस्ट्री को राहत देने के इरादे से हरियाणा सरकार ने इस सेक्टर के लिए बिजली टैरिफ को अपेक्षाकृत कम किया था। इसके तहत इस इंडस्ट्रीज के लिए बिजली के रेट सस्ते हुए, लेकिन अभी तक सरकार की राहत का लाभ प्रदेश की सिर्फ 2700 एग्रो इकाइयां ही उठा रहीं है। हरियाणा बिजली विनियामक आयोग इससे बहुत ज्यादा संतुष्ट नहीं है। आयोग चाहता है कि इस राहत के दायरे में प्रदेश की सभी एग्रो इंडस्ट्रीज को लाया जाए ताकि उन्हें सस्ते हुए बिजली टैरिफ का लाभ मिल सके।
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इसके लिए आयोग के चेयरमैन डीएस ढेसी ने चौधरी चरण सिंह हरियाणा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी के वीसी प्रोफेसर समर सिंह, बागवानी विभाग के महानिदेशक डा. अर्जुन सैनी और मत्स्य विभाग के निदेशक पीएस मलिक को एग्रो इंडस्ट्रीज के बिजली उपभोक्ताओं पर एक डिटेल स्टडी रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं। तीनों अलग-अलग अपनी रिपोर्ट आयोग के समक्ष रखेंगे। आयोग ने आश्वस्त किया है कि तीनों एजेंसियों डिटेल स्टडी रिपोर्ट में जो भी प्रस्ताव भेजेंगी निश्चित तौर पर उस पर गौर किया जाएगा।

दरअसल, हरियाणा इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन की स्टेट एडवाइजरी कमेटी की बैठक में समीक्षा करते हुए आयोग के चेयरमैन डीएस ढेसी ने डिस्कॉम (हरियाणा की बिजली वितरण कंपनी) से पूछा था कि एग्रो इंडस्ट्रीज को दी सस्ती बिजली राहत का कितनी इकाइयों को लाभ मिला है। इसी के जवाब में डिस्कॉम के सीएमडी शत्रुजीत कपूर ने बताया कि एग्रो इंडस्ट्रीज को दिए राहत भरे टैरिफ से अभी तक करीब 2700 यूनिट को लाभ मिला है। आयोग ने अब कृषि से संबद्ध विभागों के अफसरों और विश्वविद्यालय के वीसी से एग्रो इंडस्ट्रीज के बिजली उपभोक्ताओं पर डिटेल स्टडी रिपोर्ट मांगी है।
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एग्रो इंडस्ट्रीज के लिए सस्ती हुई है 2.30 रुपये प्रति यूनिट बिजली

हरियाणा इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (एचईआरसी) ने एग्रो इंडस्ट्रीज के लिए 20 किलोवाट तक प्रति यूनिट 2.30 रुपये बिजली सस्ती की है। ऐसी इकाइयों से 4.75 रुपये प्रति यूनिट की रियायती दर ली जाएगी। पहले उन पर 7.05 रुपये प्रति यूनिट का टैरिफ लगाया जा रहा था।

इन एग्रो इंडस्ट्रीज की श्रेणी में पैक हाउस, ग्रेडिंग, पैकिंग, प्री-कूलिंग और राइपनिंग चैंबर, मधुमक्खी पालन, शहद प्रसंस्करण, मशरूम की खेती, टिशू कल्चर, झिंगा और मछली पालन, पोल्ट्री फार्म, सूअर फार्म, मिल्क चिलिंग प्लांट और कोल्ड स्टोरेज के बिजली उपभोक्ता शामिल हैं।

थर्मल प्लांट सुचारु चलते रहें, मांगी रिपोर्ट
आयोग ने हरियाणा पावर जनरेशन कारपोरेशन लिमिटेड (एचपीजीसीएल) के थर्मल प्लांटों के संचालन संबंधी रिपोर्ट मांगी है। आयोग चाहता है कि सभी थर्मल प्लांट निर्बाध बिजली का उत्पादन करते रहें और बिजली उत्पादन कंपनियों की प्रतिस्पर्धा में भी बने रहें।

आयोग के अनुसार प्लांट भविष्य में सुचारु रूप से चलें इसके लिए एक बेहतरीन रूपरेखा तैयार करने की जरूरत है। एचईआरसी के सदस्य प्राविंद्रा सिंह चौहान और सदस्य नरेश सरदाना ने भी इसके लिए उनको कुछ जरूरी टिप्स दिए। इसके अलावा आयोग ने डिस्कॉम से कोरोना महामारी के चलते बिजली कंपनियों की वित्तीय स्थिति के बारे में जानकारी मांगी है।
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जून 2021 तक पूरा होगा स्मार्ट मीटर का प्रोजेक्ट, सप्लाई में आ रही दिक्कत

एचईआरसी के चेयरमैन दीपेंद्र सिंह ढेसी ने डिस्कॉम से यह भी रिपोर्ट मांगी कि स्मार्ट एवं प्रीपेड मीटर लगाने का काम हरियाणा में कब तक पूरा हो जाएगा। डिस्कॉम के सीएमडी शत्रुजीत कपूर ने बताया कि अभी तक डेढ़ लाख मीटर लग चुके है। 10 लाख मीटर लगाने का लक्ष्य रखा गया है। इस टारगेट को जून 2021 तक पूरा कर लिया जाएगा। इस समय स्मार्ट मीटर की सप्लाई में थोड़ी दिक्कत आ रही है लेकिन जल्द सप्लाई सुचारु रूप से शुरू हो जाएगी।

स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य गुरुग्राम, पानीपत, पंचकूला और करनाल में कार्य शुरू किया गया है। टेलीकॉम सेक्टर की तरह उपभोक्ता को यह छूट होगी कि वह अपने मीटर को प्रीपेड में बदलवाना चाहेगा या स्मार्ट मीटर रखेगा। एचईआरसी के फाउंडर चेयरमैन वीएस ऐलावादी और पूर्व चेयरमैन आरएन परासर ने कहा कि इस तरह की स्कीम आती है तो यह बिजली वितरण कंपनियों और बिजली उपभोक्ताओं को भारी राहत मिलेगी।
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