बिजली कंपनियों ने आयोग के पास जमा कराई एआरआर
कंपनियों ने नहीं दिया बिजली दरों की बढ़ोतरी का प्रस्ताव
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा के 76 लाख बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर है। पिछले तीन साल की तरह चुनावी साल 2024 में भी प्रदेश में बिजली की दरें बढ़ने की संभावना नहीं है। बिजली दरों को लेकर बिजली वितरण कंपनियों ने हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग को बिजली दरों में बढ़ोतरी का कोई प्रस्ताव नहीं दिया है। हालांकि, इसका अंतिम फैसला आयोग करेगा। अप्रैल से पहले आयोग बिजली कंपनियों और आम जनता की सुनवाई और इसके बाद 1 अप्रैल से बिजली दरों का टैरिफ जारी होगा।
2024 में लोकसभा के अलावा हरियाणा में विधानसभा के भी चुनाव हैं। इसलिए हरियाणा सरकार बिजली की दरें बढ़ा कर जनता की नाराजगी लेने का जोखिम नहीं लेना चाहेगी। इसके अलावा आम आदमी पार्टी दिल्ली व पंजाब में मुफ्त बिजली का उदाहरण देकर लगातार सरकार पर हमलावर है। उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम ने हरियाणा विद्युत नियामक आयोग के पास अपनी वार्षिक राजस्व आवश्यकताओं (एआरआर) जमा करा दी है। इसमें दोनों कंपनियों ने बिजली दरों में कोई बदलाव करने के लिए कोई प्रस्ताव नहीं दिया है। ऐसे में पूरा संभावना है कि पिछले साल वाला ही टैरिफ जारी रहेगा। इसके तहत किसी भी श्रेणी में बिजली की दरें नहीं बढ़ाई जाएंगी। कृषि क्षेत्र को सब्सिडी भी जारी रहेगी।
12293 करोड़ की बिजली खरीद की मांगी मंजूरी
एआरआर में इस साल 12 हजार 293 करोड़ रुपये की बिजली खरीद की मंजूरी मांगी गई है। अनुमान है कि आगामी वित्तीय वर्ष में 24 हजार 871 मिलियन यूनिट की खपत होगी। साथ ही लाइन लास 10.75 प्रतिशत पर बताया गया है।
ये हैं मौजूदा दरें
श्रेणी एक के बिजली उपभोक्ताओं से 50 यूनिट तक दो रुपये प्रति यूनिट और 51 से 100 यूनिट तक ढाई रुपये चार्ज किए जाते हैं। श्रेणी दो में 150 यूनिट तक 2.75 रुपये, 150 से 250 यूनिट तक 5.25 रुपये, 251 से 500 यूनिट तक 6.30 रुपये तथा 501 से 800 यूनिट तक 7.10 रुपये प्रति यूनिट चार्ज किए जाते हैं।
आयोग करेगा जनसुनवाई
विद्युत नियामक आयोग ने प्रदेश की चारों बिजली कंपनियों द्वारा जमा कराई गई एआरआर को लेकर अब जन सुनवाई का फैसला लिया है। इसके तहत नौ जनवरी को एचपीजीसीएल और एचवीपीएनएल की एआआर पर आम जनता से राय ली जाएगी। इसी प्रकार, यूएचबीवीएनएल और डीएचबीवीएनएल पर 24 जनवरी को सुबह 10 बजे से सुनवाई होगी। इसके बाद 31 मार्च को आयोग अगले वित्तीय वर्ष के लिए टैरिफ जारी करेगा।