चंडीगढ़ के लोगों को इस वर्ष भी बिजली का बड़ा झटका लग सकता है। रेट बढ़ाने की तैयारी है, इसलिए कमर कस लें लोग। बिजली विभाग ने टैरिफ में 15-20 फीसदी की बढ़ोतरी करने की पूरी तैयारी कर ली है। कॉमर्शियल और डामेस्टिक दोनों तरह का टैरिफ रिवाइज्ड करने का प्रस्ताव है। टैरिफ बढ़ता है तो दोनों ही तरह के उपभोक्ताओं पर बोझ पड़ना तय है।
विभाग ने टैरिफ बढ़ाने का प्रस्ताव ज्वाइंट इलेक्ट्रिसिटी रेग्युलेटरी कमीशन (जेईआरसी) के पास मंजूरी के लिए भेज दिया है। मार्च में जेईआरसी चेयरमेन अपनी चंडीगढ़ में हियरिंग के बाद टैरिफ बढ़ेगा या नहीं इस पर अंतिम फैसला लेगा। 15-20 फीसदी टैरिफ बढ़ने से आपके बिल 25 से 95 पैसे प्रति यूनिट तक बढ़ कर आएंगे। टैरिफ बढ़ाने के पीछे विभाग ने अपने 500 करोड़ रुपये के घाटे का हवाला दिया है।
हालांकि टैरिफ बढ़ने से भी विभाग को 200 करोड़ रुपये ही मिलेंगे। 300 करोड़ फिर भी बकाया रह जाएंगे। चंडीगढ़ में कुल 2.12 लाख उपभोक्ता हैं। इसमें डोमेस्टिक केटेगरी में 1.75 लाख और बाकी उपभोक्ता कॉमर्शियल केटेगरी में आते हैं। मौजूदा समय में बिजली खपत लगभग 400 मेगावॉट है। गर्मियों में बिजली खपत 100 मेगावॉट तक बढ़ जाती है।
जिस कारण प्रशासन को गर्मियों में बिजली दूसरे प्रदेशों से खरीदनी पड़ती है। इसके लिए हर साल मोटी रकम भी चुकानी होती है। भविष्य में सोलर एनर्जी प्रशासन को थोड़ी राहत दे सकती है। अभी इससे 10 मेगावाट बिजली पैदा की जा रही है।
पिछले साल हुई थी 17.78 फीसदी की बढ़ोतरी
पिछले साल अप्रैल में भी बिजली दरों में सीधे 17.78 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई थी। प्रशासन ने 15 से 32 प्रतिशत तक रेट बढ़ाए जाने का प्रस्ताव जेईआरसी के पास भेजा था। हियरिंग के बाद जेईआरसी ने 17.78 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दी थी। वर्ष 2016 में तीन सालों के बाद रेट बढ़ाए गए थे।