जेईआरसी ने अगर बिजली विभाग का प्रपोजल मान लिया तो शहरवासियों को अगले माह से प्रति यूनिट 70 पैसे अधिक खर्च करना पड़ेगा। उपभोक्ताओं पर यह भार पिछले सालों में आए 849 करोड़ के घाटे की भरपाई के उद्देश्य से डाला जा रहा है। इस सिलसिले में जेईआरसी ने पिछले दिनों जन सुनवाई भी पूरी कर ली और अब उसको फैसला करना है।
चंडीगढ़ बिजली विभाग लगातार घाटे में है। इसका मुख्य कारण यह है कि इसकी कुल लागत हर साल 700 करोड़ रुपय है जबकि उपभोक्ताओं की तरफ से बिजली विभाग को 600 करोड़ रुपये मिलते हैं। इसके चलते बिजली विभाग को हर साल 100 करोड़ का घाटा उठाना पड़ता है। इसी घाटे की भरपाई केलिए बिजली टैरिफ की दरें बढ़ाने का प्रस्ताव भेजा गया है।
तीन साल से टैरिफ में बदलाव नहीं
अफसरों का कहना है कि बिजली की टैरिफ में तीन साल में कोई बदलाव नहीं हुआ है, जबकि संसाधनों पर खर्च लगातार बढ़ रहा है। इस गैप को पूरा करने के लिए बिजली केरेट बढ़ाने की जरूरत है। दूसरा कारण यह है कि इस बार ऑडिट भी इलेक्ट्रीसिटी डिपार्टमेंट ने करवा लिया है जिस पर हर बार शहर के लोग आब्जेक्शन उठाते हैं।
ये हो सकती हैं दरें
डोमेस्टिक सप्लाई 150 यूनिट की खपत तक अभी 2.30 रुपये प्रति यूनिट बिजली का मूल्य है। विभाग के प्रस्ताव में इसे बढ़ाकर तीन रुपये प्रति यूनिट किया गया है। इसके अलावा 10 रुपए फिक्सड चार्जेंज के लगेंगे। वहीं 150 से 400 यूनिट खपत अभी तक 4.20 प्रति यूनिट और 7 रुपए फिक्सड चार्ज लगते हैँ जिसे बढ़ाकर 5.50 रुपये पर किया गया है साथ ही 10 रुपए फिक्स चार्ज लगेंगे। 400 यूनिट से ज्यादा खपत अभी तक 4. 40 रुपये प्रति यूनिट और फिक्सड चार्जेज 7 रुपए लगते थे, उसे बढ़ाकर 5.85 रुपये प्रति यूनिट रेट रहेगा ओर 10 रुपये फिक्स चार्ज लगेगा।
कामर्शियल सप्लाई:150 यूनिट तक खपत पर पहले 4.30 रुपये था जिसे बढ़ाकर 5.70 रुपये करने का प्रस्ताव है। 400 यूनिट तक अभी 4.50 रुपये था जिसे बढ़ाकर 5.95 रुपये और 400 यूनिट से अधिक होने पर पहले 4.70 रुपये था जिसे बढ़ाकर 6.20 रुपये प्रति यूनिट करने का प्रस्ताव है।
कोट.
यूटी एजी की ऑडिट रिपोर्ट मिल चुकी है। अब तक विभाग 849 करोड़ के घाटे में है। इसे कवर करने के लिए मल्टी टैरिफ बढ़ाने की जरूरत है। लोगाें के आब्जेक्शन दर्ज किए जा चुके है। जल्द ही जेईआरसी की ओर से बिजली के रेट तय कर दिए जाएंगे।
एमपी सिंह , सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर, बिजली विभाग