1 अप्रैल, 2018 से शहर में करीब 20 प्रतिशत तक बिजली के दाम बढ़ेंगे। बिजली विभाग की ओर से ज्वाइंट इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (जेईआरसी) को दाम बढ़ाने को लेकर प्रस्ताव भेजा है।
बिजली विभाग के सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर एमपी सिंह ने बताया कि विभाग 190 करोड़ रुपये के घाटे से जूझ रहा है। इसे पूरा करने के लिए बिजली के दाम बढ़ाने का फैसला किया है। एसई एमपी सिंह ने बताया कि डोमेस्टिक और कामर्शियल दोनों में ही 20 प्रतिशत तक बिजली के दाम बढ़ाए जाने को लेकर प्रस्ताव भेजा गया है। इससे पहले बिजली विभाग ने करीब 480 करोड़ रुपये के घाटे को पूरा करने के लिए बिजली के दाम बढ़ाए थे।
विभाग की ओर से 20 प्रतिशत तक बिजली के दाम बढ़ाए जाने को लेकर भेजे गए प्रस्ताव को अगर जेईआरसी से मंजूरी मिल जाती है तो अगले वित्तीय वर्ष 2018-19 से शहर के करीब 2.16 लाख बिजली उपभोक्ताओं पर इसका असर पड़ेगा। विभाग के अनुसार बिजली के घरेलू उपभोक्ताओं से अभी 150 यूनिट तक बिजली के इस्तेमाल पर 2.55 रुपये प्रति यूनिट लिए जाते हैं। 20 प्रतिशत दाम बढ़ने से घरेलू उपभोक्ताओं से 2.75 रुपये प्रति यूनिट लिया जाएगा। इसी तरह 151-400 यूनिट तक बिजली एक रुपये प्रति यूनिट महंगी हो जाएगी। 400 यूनिट से ऊपर बिजली इस्तेमाल करने पर अब एक रुपये प्रति यूनिट बिजली महंगी हो जाएगी। शहर में इस समय करीब 1.75 लाख बिजली के घरेलू उपभोक्ता हैं।
वहीं, बिजली के व्यवसायिक उपभोक्ता की जेब पर भी इस बार असर पड़ेगा। विभाग की ओर से व्यवसायिक बिजली उपभोक्ताओं के लिए भी 20 प्रतिशत तक बिजली के दाम बढ़ाए जाने को लेकर प्रस्ताव भेजा गया है। व्यवसायिक उपभोक्ताओें को अब 150 यूनिट तक बिजली के इस्तेमाल पर 1.20 रुपये प्रति यूनिट अधिक देना होगा। 151-400 यूनिट तक 0.20 रुपये प्रति यूनिट बिजली के अतिरिक्त देना होगा। 400 यूनिट से ऊपर 1.30 रुपये प्रति यूनिट अब अधिक देना होगा।