चंडीगढ़। पीजीआई ने अपनी हर बिल्डिंग का इलेक्ट्रिकल लोड ऑडिट शुरू कर दिया है। ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि गर्मियों में बिजली ट्रिपिंग के कारण आग न लगे। इसके साथ परिसर की सबसे पुरानी बिल्डिंग नेहरू अस्पताल की चौथी और पांचवीं मंजिल पर एसी के लिए अलग से बिजली की वायरिंग की गई है, ताकि लोड न बढ़े। पीजीआई के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट प्रो. विपिन कौशल ने बताया कि गर्मियों में किसी भी तरह की दुर्घटना से बचने के लिए इंटरनल ऑडिट शुरू किया गया है। यह संस्थान के सभी केंद्रों में किया जाएगा। उन्होंने बताया कि नेहरू अस्पताल में सेंट्रलाइज्ड एसी नहीं है, इसलिए वार्ड, ऑफिस और दूसरे इलाकों में स्प्लिट या विंडो एसी हैं। इनकी वायरिंग अलग-अलग है और लोड क्षमता भी अलग है। अक्सर गर्मियों में एसी या दूसरे डिवाइस में अतिरिक्त लोड के कारण चिंगारी निकलती है इसलिए बिल्डिंग की सुरक्षा के लिए इन खतरों को दूर करने पर काम कर रहे हैं।
इंजीनियरिंग विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि भले ही पीजीआई ने अग्निशमन उपकरणों और उपकरणों के आदेश दिए हैं, लेकिन बिजली के सर्किट में शॉर्ट सर्किट और अन्य खराबी आग के खतरे को बढ़ा सकती है। पीजीआई के पास 66 केवी और 11 केवी के अपने दो सब-स्टेशन हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एक संयुक्त सलाह जारी की थी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि विद्युत भार क्षमता में विसंगति को दूर कर गर्मियों में अस्पताल में आग लगने से बचाने के लिए वैध मंजूरी प्राप्त करें।