चंडीगढ़ में इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) चार्जिंग स्टेशन चंडीगढ़ रिन्यूएबल एनर्जी एंड साइंस एंड टेक्नोलॉजी प्रमोशन सोसाइटी (क्रेस्ट) के लिए घाटे का सौदा साबित हो रहे हैं।
वर्तमान में आठ चार्जिंग स्टेशन चल रहे हैं और चार पर केबलिंग का काम चल रहा है। ये स्टेशन सेक्टर-17 में हैं। यहां केबल अंडरग्राउंड हैं इसलिए इसके अप्रूवल में विभाग को काफी समय लग गया। अब मंजूरी मिल चुकी है और काम चल रहा है। इसके अलावा जिन कंपनियों के ईवी चार्जिंग स्टेशन के पार्ट चोरी हुए हैं, उनका इंटरनल अप्रूवल का चल रहा है।
क्रेस्ट के अधिकारियों का कहना है कि उन पर भी जल्द काम शुरू होगा। इस महीने विभाग की कोशिश है कि शहर में 30 ईवी चार्जिंग स्टेशन शुरू कर दिए जाएं। बता दें कि चंडीगढ़ में पूरे देश में सबसे कम सार्वजनिक चार्जिंग शुल्क है। यह 3.6 रुपये प्रति किलोवाट है, जो राष्ट्रीय औसत 13.74 रुपये/किलोवाट से 73 प्रतिशत कम है।
मार्च महीने में सबसे बड़ी चोरी हुई थी। सेक्टर-42 स्थित न्यू लेक के पॉम गार्डन की पार्किंग में ईवी चार्जिंग स्टेशन से चोरों ने नौ फास्ट चार्जिंग मशीनों पर हाथ साफ कर दिया था। सात मशीनों में से पुर्जा-पुर्जा निकाल ले गए और दो मशीनें ही उठा ले गए। इसके बाद जीएमएसएच-16 की दीवार के साथ पार्किंग में लगी करीब 17 मशीनों के चार्जिंग गन चोरी हो गए। मध्यमार्ग पर सेक्टर-26 स्थित दो चार्जिंग स्टेशन में चोरी हुई और चोर दो मशीनों के चार चार्जिंग गन चुरा ले गए। इसके अलावा भी कई इलाकों में चोरी हुई है। इन सभी वारदात से करीब ढाई करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
- अधिकतर लोग घर पर ही ईवी को कर रहे चार्ज
- चंडीगढ़ छोटा शहर, घर-दफ्तर हैं पास-पास
- शहर में घरेलू बिजली दर सस्ती
- अधिकतर लोगों ने सेकेंडरी व्हीकल के तौर पर ईवी खरीदा, ऐसे में नहीं पड़ती इमरजेंसी
- ईवी चार्जिंग स्टेशन की स्थिति भी खराब, लोगों को अब तक भरोसा नहीं
वर्तमान में आठ ईवी चार्जिंग स्टेशन पूरी तरह से काम कर रहे हैं। मई से लेकर जुलाई महीने तक विभाग को इन सभी चार्जिंग स्टेशन से कुल मिलाकर करीब 18 हजार रुपये का राजस्व मिला। चोरी की घटनाओं से मशीनों को नुकसान पहुंचा है। हम जल्द सभी चार्जिंग स्टेशन को शुरू करने पर काम कर रहे हैं। - टीसी नौटियाल, सीसीएफ