श्रीगंगानगर-बठिंडा रेल ट्रैक पर अगस्त से इलेक्ट्रिक रेलगाड़ियां दौड़नी शुरू हो जाएंगी। अबोहर-फाजिल्का रेल ट्रैक के विद्युतीकरण का कार्य अक्तूबर माह तक पूरा कर लिया जाएगा। इन रेल लाइनों पर इलेक्ट्रिक रेलगाड़ियों के दौड़ने से यात्रियों का काफी समय बचेगा। वहीं, यह ट्रैक लंबी दूरी की रेलगाड़ियों से भी जुड़ जाएंगे। यह बात उत्तर रेलवे के मुख्य विद्युत अभियंता प्रमोद कुमार ने कही।
वह बठिंडा-अबोहर रेल ट्रैक का निरीक्षण करने अबोहर पहुंचे थे। इस दौरान उनके साथ चीफ प्रोजेक्ट निदेशक एसएस यादव और वरिष्ठ मंडल विद्युत अभियंता अंकुर जैन भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
प्रमोद कुमार ने बताया कि बठिंडा से अबोहर तक का रेलवे ट्रैक का पूरी तरह से विद्युतीकरण हो गया और जांच में भी कोई कमी नहीं मिली है। उन्होंने बताया कि यह फाइनल जांच है। वहीं अबोहर से श्रीगंगानगर तक का ट्रैक का विद्युतीकरण अगस्त तक पूरा हो जाएगा। इसके बाद इलेक्ट्रिक ट्रेनें दौड़नी शुरू हो जाएंगी।
31 मार्च तक बठिंडा से श्रीगंगानगर तक का ट्रैक विद्युतीकरण होना था लेकिन कार्य की अधिकता के कारण कुछ माह का अतिरिक्त समय और लगेगा। उन्होंने आश्वस्त किया कि अगस्त माह से इस ट्रैक का कार्य पूरा होते ही इलेक्ट्रिक गाड़ियां शुरू हो जाएंगी। इससे गाड़ियों को बठिंडा में डीजल इंजन बदलने के झंझट से मुक्ति मिलेगी।
अबोहर-फाजिल्का ट्रैक के बारे में अधिकारी ने बताया कि इसी वर्ष अक्तूबर माह तक फाजिल्का से अबोहर, फाजिल्का से फिरोजपुर और फाजिल्का से कोटकपूरा रेलवे ट्रेक का विद्युतीकरण पूरा हो जाएगा। इससे इस क्षेत्र के यात्रियों को लंबी दूरी की गाड़ियों का लाभ मिलने की संभावना प्रबल हो जाएगी।
श्रीगंगानगर रोड रेलवे फाटक नं. 50 पर ओवर या अंडरब्रिज बनाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि वर्ष 2024 तक सभी मेन फाटकों को बंद करके अंडर या ओवरब्रिज में बदलने की योजना है।