लोकसभा चुनाव में सभी पार्टियों ने पंजाब की अधिकतर सीटों पर अपने उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं। इस बार कई बड़े नेता चुनाव मैदान से बाहर हो गए हैं। हारने वालों के साथ ही जीतने वाले नेता भी अपना टिकट नहीं बचा पाए हैं। पंजाब में प्रमुख राजनीतिक दलों ने अपने बड़े नेताओं का भी टिकट काट दिया है। ऐसे नेता भी हैं, जिनकी सीट बदली गई है। कुछ नेता पार्टी बदलकर भी मैदान में उतर रहे हैं। अब तक आम आदमी पार्टी व शिरोमणि अकाली दल प्रदेश की सभी 13 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार कर चुके हैं। इसी तरह कांग्रेस ने 12 और भाजपा ने 9 सीटों पर अपने उम्मीदवारों की घोषणा की है।
फरीदकोट सीट पर कांग्रेस ने गायक मोहम्मद सद्दीक का टिकट काट दिया है। सद्दीक ने 2019 में शिरोमणि अकाली दल के गुलजार सिंह को हराया था। कांग्रेस ने यहां से अमरजीत कौर को प्रत्याशी बनाया है। गुरदासपुर से भाजपा ने मौजूदा सांसद और अभिनेता सनी देओल का टिकट काट दिया है। सनी ने पिछले चुनाव में कांग्रेस के सुनील जाखड़ को मात दी थी। उन्होंने पहले ही चुनाव लड़ने से असहमति जताई थी। उनकी जगह दिनेश बब्बू को उतारा है। तीन बार के विधायक बब्बू विधानसभा में उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं।
फिरोजपुर सीट से शिअद के सुखबीर बादल 2019 में कांग्रेस के शेर सिंह से जीते थे। इस बार शिअद ने उनकी जगह नरदेव सिंह बॉबी मान को टिकट दिया है, लेकिन कांग्रेस ने अभी तक उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है।
चौधरी परिवार की नाराजगी
जालंधर से पिछली बार कांग्रेस के संतोख सिंह चौधरी जीते थे। भारत जोड़ो यात्रा के दौरान संतोख का निधन हो गया था। कांग्रेस ने यहां से पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी को उम्मीदवार बनाया है। इसके चलते संतोख की पत्नी करमजीत कौर कुछ दिन पहले भाजपा में शामिल हो गई थीं। उनके बेटे फिल्लौर विधायक विक्रमजीत चौधरी को भी कांग्रेस ने पार्टी विरोधी गतिविधियों में निलंबित कर दिया था।
अमृतसर से हरदीप पुरी की जगह तरणजीत संधू
भाजपा ने अमृतसर से केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का टिकट काटकर अमेरिका में भारतीय राजदूत रहे तरनजीत सिंह संधू पर दांव खेला है। पुरी पिछले चुनाव में कांग्रेस से गुरजीत सिंह औजला से हार गए थे। शिअद ने खडूर साहिब सीट पर बीबी जगीर कौर की जगह टकसाली नेता विरसा सिंह वल्टोहा को उतारा है। वहीं, जालंधर से चरणजीत सिंह अटवाल की जगह कांग्रेस से आए पूर्व सांसद मोहिंदर सिंह केपी को टिकट दिया है। यहां से अटवाल पिछली बार हार गए थे। पार्टी ने फतेहगढ़ साहिब से दरबारा सिंह गुरु की जगह बिक्रमजीत खालसा को मैदान में उतारा है। दरबारा पिछला चुनाव कांग्रेस प्रत्याशी अमर सिंह से हार गए थे।