दलित फॉर्मूला फ्लॉप
आप को महज 1.79 फीसदी मिले वोट पर चार सीटों पर कांग्रेस का बिगाड़ा खेल
दिल्ली शराब घोटाले में जमानत पर जेल से बाहर आकर हरियाणा विधानसभा चुनाव में प्रचार करने वाले दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल मतदाताओं को लुभाने में असफल रहे। पहले उनकी पत्नी सुनीता , राज्यसभा सांसद संजय सिंह, पूर्व सांसद सुशील गुप्ता ने मोर्चा संभाला था। पार्टी में बड़ा स्थानीय चेहरा न होने पर केजरीवाल को लोकल ब्वॉय के तौर पर दिखाने के दांव ने भी काम नहीं किया। पंजाब के सीएम भगवंत मान को बीमार होने के कारण प्रचार से हटना पड़ा।
पिछले विधानसभा चुनाव में 46 सीटों पर लड़ने वाली आप को एक भी सीट नहीं मिली थी। आप को कुल आजाद प्रत्याशियों के 9.17 प्रतिशत और नोटा 0.54 प्रतिशत से भी कम मत प्रतिशत मिले थे। इस बार आप को 1.79 प्रतिशत वोट मिले हैं। आप के 89 प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई है। हालांकि चार सीटों पर उसने कांग्रेस का खेला बिगाड़ दिया। लोकसभा चुनाव में आप के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ने वाली कांग्रेस को पांच सीटें मिली थीं, लेकिन विधानसभा चुनाव में आप के साथ गठबंधन नहीं होने का खामियाजा कांग्रेस को भुगतना पड़ा। उचाना, डबवाली, रानियां और असंध में कांग्रेस प्रत्याशियों की हार उतने मतों से हुई है, जितने वोट आप को मिले हैं।
सबसे मजबूत आदर्श तीसरे नंबर पर
आप के सबसे मजबूत प्रत्याशी माने जाने वाले जगाधरी सीट से आदर्श पाल तीसरे नंबर पर रहे है। उन्हें 43, 813 वोट मिले। कलायत सीट से प्रत्याशी अनुराग ढांडा करीब साढ़े 5 हजार वोट पाकर 7वें नंबर पर रहे है। ढांडा से पहले भाजपा, इनेलो प्रत्याशी सहित दो आजाद उम्मीदवार रहे है। देश की पहली महिला डब्ल्यूडब्ल्यूई की पहलवान कविता को 1280 वोट मिले है।
हाथी पर बैठकर भी चौटाला नहीं कर सके चमत्कार...सिर्फ चश्मा ही बचा
इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) इनेलो भी बसपा के साथ मिलकर वापसी नहीं कर सकी। इनेलो के प्रधान महासचिव व पांच बार के विधायक अभय चौटाला को कांग्रेस के भरत सिंह बेनीवाल से अपनी परंपरागत ऐलनाबाद सीट से करारी हार मिली है। हालांकि उनके बेटे अर्जुन चौटाला ने रानियां और डबवाली से उनके चचेरे भाई आदित्य चौटाला ने जीत दर्ज की है। इनेलो 2019 के चुनाव में जजपा की तरफ गए मतदाताओं को वापस लाने में विफल रही है। बसपा के साथ मिलकर दलित मतदाताओं को साधने का दांव भी फेल हो गया।
बसपा ने 36 सीटों पर चुनाव लड़ा और सिर्फ एक सीट अटेली पर टक्कर दे पाई। 2019 विधानसभा चुनाव में 2.44 प्रतिशत वोट लेने वाली इनेलो के सामने अपना चुनाव चिह्न बचाने के लिए चुनाव आयोग के नियमों के तहत कम से कम 6 प्रतिशत वोट या दो सीटों पर जीत हासिल करना जरूरी था। इस बार पार्टी 4.22 फीसदी वोट मिले हैं। बसपा ने 2019 में 4.16 वोट हासिल किए थे। बसपा को इस बार 1.82 प्रतिशत वोट मिले हैं। एलनाबाद से अभय करीब 15 हजार से हार गए जबकि फतेहाबाद से सुनैना को केवल 9681 वोट मिले। उनकी जमानत जब्त हो गई।