फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Chandigarh News: चुनाव ड्यूटी के दौरान मौत या स्थायी दिव्यांगता होने पर कर्मी के परिवार वालों को मिलेगा एक्सग्रेसिया नीति का लाभ

विज्ञापन
विज्ञापन
लोकसभा चुनाव की तैयारियों में जुटा निर्वाचन विभाग, राज्य मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने ली अधिकारियों की बैठक
विज्ञापन


अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनुराग अग्रवाल ने कहा कि चुनाव ड्यूटी के दौरान पोलिंग और सुरक्षा कर्मियों के परिवारजन को एक्सग्रेसिया के तहत वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाई जाएगी। ड्यूटी के दौरान हिंसक घटनाओं, बम ब्लास्ट या आतंकवादी घटनाओं या गोलीबारी इत्यादि के कारण मृत्यु हो जाने पर परिवार को 30 लाख रुपये दिये जाएंगे। ड्यूटी पर किसी अन्य कारणों से मृत्यु हो जाने पर 15 लाख, असामाजिक तत्वों के हमले के कारण कर्मचारी के स्थायी दिव्यांगता होने पर परिवार को 15 लाख और शरीर के किसी अंग या आंखों की दृष्टि जाने की स्थिति में 7.5 लाख की वित्तीय सहायता परिवारजनों को दी जाएगी। अनुराग अग्रवाल सोमवार को आगामी लोकसभा चुनाव में ड्यूटी में लगे कर्मचारियों के लिए एक्सग्रेसिया नीति से संबंधित बिंदुओं पर समीक्षा के लिए आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। जानकारी दी गई कि चुनाव ड्यूटी के दौरान दी जाने वाली यह एक्सग्रेसिया राशि केंद्रीय गृह मंत्रालय या राज्य सरकार या अन्य नियोक्ता की ओर से दी जाने वाले अनुकंपा राशि से अतिरिक्त होगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह चुनाव से पहले अपनी तमाम तैयारियां पूरी कर लें। अग्रवाल ने निर्देश दिए कि पोलिंग कर्मियों के लिए ट्रेनिंग केंद्र, डिस्पैच और रिसिविंग केंद्रों पर स्वास्थ्य देखभाल, फर्स्ट-ऐड इत्यादि की सुविधा सुनिश्चित की जाए और डॉक्टर व पैरा मेडिकल स्टाफ युक्त एक एंबुलेंस की भी व्यवस्था होनी चाहिए। बैठक में अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी हेमा शर्मा, संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी अपूर्व और राज कुमार मौजूद रहे।
विज्ञापन


एसपी और डीसी की होगी जिम्मेदारी
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि अनुकंपा राशि की प्रक्रिया शुरू करने की जिम्मेवारी जिला निर्वाचन अधिकारी और पुलिस अधीक्षक की होगी और कर्मचारी की मृत्यु, दिव्यांगता इत्यादि होने की घटना की तिथि से 10 दिन के अंदर-अंदर आरंभ करनी होगी। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से एक माह के भीतर संबंधित मामले की निपटान सुनिश्चित करना होगा। चुनाव ड्यूटी की समयावधि चुनावों की घोषणाओं की तिथि से लेकर परिणाम की तिथि तक (दोनों दिनों को शामिल करते हुए) माना जाएगा।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें