पीआरटीसी की बसों पर सीएम बादल की फोटो को लेकर चुनाव आयोग ने कड़ा रुख अपनाते हुए सख्त निर्देश दिए हैं। चुनाव आयोग ने फोटो हटाने के निर्देश दिए हैं। वहीं, पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने नशे की बिक्री और तस्करी पर सख्ती दिखाई है।
नशे के इस्तेमाल के खिलाफ दाखिल एडवोकेट नवकीरण सिंह की अर्जी पर सुनवाई करते हुए अदालत ने चुनाव आयोग से कहा है कि पंजाब के आगामी चुनाव में ड्रग्स का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए।
पंजाब विधानसभा चुनाव के मद्देनजर प्रदेश में 4 जनवरी से लागू आदर्श चुनाव आचार संहिता का सख्ती से पालन शुरु हो गया है। पंजाब के मुख्य चुनाव अधिकारी कार्यालय ने जहां घरों, सड़कों, सरकारी और गैरसरकारी इमारतों पर लगाए गए पार्टियों के बैनर, पोस्टर, होर्डिंग आदि हटाने शुरू कर दिए हैं।
वहीं, पीआरटीसी की बसों पर लगी सीएम की फोटो और ‘राज नहीं सेवा’ जैसे नारों के पोस्टर हटाने के आदेश भी जारी कर दिए हैं।
पीआरटीसी बसें पंजाब
मुख्य चुनाव अधिकारी कार्यालय में सोमवार को आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में सीईओ वीके सिंह ने बताया कि पीआरटीसी से आदेश जारी किए जा चुके हैं और काफी बसों से पोस्टर हटाए भी जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि कुछ बसों पर अभी पोस्टर लगे हैं, जिन्हें जल्दी ही हटाने के लिए कहा गया है। उन्होंने बताया कि आचार संहिता की अवधि के दौरान प्रदेश सरकार की वेबसाइटों से भी मुख्यमंत्री और मंत्रियों के फोटो हटा दिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि राज्य भर में गत 4 जनवरी से ही राजनीतिक दलों के बैनर, पोस्टर, होर्डिंग आदि हटाने का काम शुरू हो चुका है। इस संबंध में उन्होंने जिलेवार ब्योरा प्रस्तुत किया, जिसके अनुसार मुख्य चुनाव अधिकारी कार्यालय ने जिला स्तर पर चुनाव ड्यूटी पर लगाए गए अधिकारियों की मदद से रविवार तक सार्वजनिक संपत्ति पर लगाए गए 97250 पोस्टर, बैनर, होर्डिंग व दीवारों पर लिखे नारे हटवा दिए हैं
जबकि इसी अवधि के दौरान निजी संपत्तियों पर लगाए गए 64051 पोस्टर, बैनर, होर्डिंग व दीवारों पर लिखे नारे हटवाए गए हैं। इस कार्रवाई के दौरान लुधियाना जिले में 3298 केस दर्ज किए गए जबकि संगरुर व बठिंडा में भी एक-एक केस दर्ज किया गया।