पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की चुनाव प्रक्रिया पर रोक लगा दी है। यह चुनाव 23 अप्रैल को होना है। हाईकोर्ट ने 22 अप्रैल तक अगली प्रक्रिया पर रोक लगा दी है। वीरवार को नामांकन पत्र दाखिल हो चुके हैं।
अध्यक्ष पद के उम्मीदवार एडवोकेट रंजन लखनपाल ने याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि चुनाव से ठीक पहले वोट बनते हैं। इनमें कई ऐसे वकील होते हैं, जो कभी अदालत में पेश नहीं हुए।
उधर, सुप्रीम कोर्ट का आदेश है कि वही हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की सदस्यता का हकदार है, जो कम से कम पांच बार बेंच के समक्ष पेश हुआ हो। आशंका जताई थी कि इस वर्ष भी बड़े पैमाने पर वोट बने हैं। चुनाव से पहले ऐसे वोट बनने को फर्जी वोट बताते हुए वोट बनाने की प्रक्रिया सुप्रीमकोर्ट के आदेश के मुताबिक अपनाए जाने की मांग की गई थी।
इस मामले की सुनवाई वीरवार को जस्टिस एजी मसीह की बेंच के समक्ष हुई और करीब 330 नए वोट बनने का हवाला दिया गया। वीरवार को नामांकन दाखिल करने का अंतिम दिन था। बेंच ने अगली प्रक्रिया पर रोक लगा दी है।
इस बीच बार एसोसिएशन से नए बने वोट को निकाल कर पहले से मौजूद सदस्यों की अलग सूची पेश करने को कहा है। सुनवाई 22 अप्रैल को होनी है। चुनाव कार्यक्रम के मुताबिक इसके अगले दिन 23 अप्रैल को चुनाव होना है। उल्लेखनीय है कि वीरवार को अध्यक्ष पद के पांचों दावेदारों ने नामांकन पत्र दाखिल कर दिया है।
इसके अलावा अन्य सभी पदों केलिए नामांकन पत्र दाखिल हो चुके हैं। हाईकोर्ट ने अगली प्रक्रिया पर रोक लगा दी है। इस लिहाज से स्क्रूटनी का काम नहीं हो सकेगा।