चंडीगढ़। 64 साल की बुजुर्ग को डिजिटल अरेस्ट कर 15 लाख रुपये ठगने का मामला सामने आया है। सीबीआई अफसर बनकर शातिर ठगों ने बुजुर्ग को एक केस में फंसाने की धमकी देकर वारदात को अंजाम दिया। बुजुर्ग की शिकायत पर साइबर सेल ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
सेक्टर-37 की रहने वाली कंवलजीत कौर गिल ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसे एक महिला की कॉल आई। उसने अपना नाम मेघा शुक्ला बताया। मेघा ने कहा कि वह मंबई से टेलिकॉम एजेंसी से बात कर रही है। आरोपी ने कंवलजीत कौर को कहा कि उसका नाम एक अवैध गतिविधि में पाया गया है।
इसके बाद किसी प्रदीप सावंत और आकांक्षा अग्रवाल ने सीबीआई अफसर बनकर बुजुर्ग महिला से बात की। आरोपियों ने महिला से आधार कार्ड का विवरण लिया। आरोपियों ने कहा कि साल 2024 में महाराष्ट्र पुलिस ने मनी लांड्रिंग के एक केस में नरेश अग्रवाल को गिरफ्तार किया था।
नरेश से 538 डेबिट कार्ड बरामद हुए थे। इसमें से एक डेबिट कार्ड कंवलजीत कौर का है। आरोपी महिला का नाम केस की जांच में शामिल कर डराने धमकाने लगे। ठगों ने केस से नाम बाहर निकालने के नाम पर तीन लाख बेल बांड के नाम पर ट्रांसफर करवा लिए। इसके बाद अलग अलग तरीके से 15 लाख 101 रुपये अपने खातों में ऑनलाइन ट्रांसफर करवा लिए। महिला को जब पता चला कि उसके साथ ठगी हुई है तो उन्होंने साइबर सेल में शिकायत दी। साइबर सेल ने केस की जांच पड़ताल कर केस दर्ज कर लिया है। पुलिस आरोपियों के मोबाइल नंबरों के बारे में पता लगा रही है। इसके साथ उन बैंक खातों की जानकारियां जुटा रही है, जिन खातों में रुपये ट्रांसफर करवाए गए हैं।