स्थानीय अदालत से रेप के 55 वर्षीय आरोपी को बरी कर दिया गया। यह मामला इसी साल सेक्टर-5 थाने में दर्ज हुआ था।
आरोप था कि बुजुर्ग ने नशीला पदार्थ देकर महिला के साथ दुराचार किया, लेकिन कोर्ट में यह आरोप साबित नहीं हो सका।
क्योंकि पीड़ित महिला के बयान में कई बार अंतर पाया गया और मेडिकल रिपोर्ट में भी नशीले पदार्थ की पुष्टि नहीं हुई। एडवोकेट अंजू सूरी के मुताबिक, रेप की झूठी कहानी रची गई थी।
आरोपी व्यक्ति और शिकायतकर्ता महिला पिछले काफी समय से एक-दूसरे के संपर्क में थे।
45 वर्षीय महिला ने 24 फरवरी 2012 को सेक्टर-5 थाने में शिकायत दी थी। शिकायत के मुताबिक, उसके पति की कुछ समय पहले मौत हो गई थी।
उसके घर के नजदीक ही पीडब्ल्यूडी का दफ्तर है और वहां बलबीर नाम का एक व्यक्ति बतौर चौकीदार तैनात है। बलबीर मूल रूप से सोनीपत जिले के गांव बिदल का रहने वाला है, लेकिन नौकरी के चलते वह अपने दफ्तर के ही एक कमरे में रहता है।
बलबीर उसका जानकार हैं। महिला के मुताबिक, उसने बलबीर को करीब दो लाख रुपये उधार दिए थे। काफी समय गुजरने के बाद भी बलबीर ने पैसे वापस नहीं किए।
24 फरवरी की सुबह करीब साढ़े पांच बजे अचानक बलबीर उसके घर आया और अपना हिसाब कर पैसे लेने की बात कही। कुछ देर में वह बलबीर के कमरे पर पहुंच गई।
कमरे में पहुंचने पर बलबीर ने उसे चाय दी, जो उसने पहले ही बना रखी थी। चाय पीने के बाद उसे नशा होने लगा और वह बेहोश हो गई।
करीब आधे घंटे बाद जब उसे होश आया तो देखा कि बलबीर उसकी अस्मत के साथ खिलवाड़ कर रहा था। विरोध करने पर उसने जान से मारने की धमकी दी।
दुराचार करने के बाद बलबीर वहां से भाग गया। बलबीर के खिलाफ आईपीसी की धारा 376, 328 व 506 के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया गया था। अब उस पर आरोप साबित नहीं हो सके और उसे बरी कर दिया गया।