चंडीगढ़। दो सगे भाइयों के बीच पैसों के लेनदेन के मामले में अदालत ने फैसला सुनाते हुए बड़े भाई को 43.29 लाख रुपये के चेक बाउंस मामले दोषी करार देते हुए दो साल की सजा सुनाई है। दोषी की सेक्टर-19 के पालिका बाजार में दुकान है। दोषी के खिलाफ छोटे भाई ने 43.29 लाख रुपये के चेक बाउंस होने पर तीन अलग-अलग केस दायर किए थे। इनमें एक केस में उसे दो साल, दूसरे में तीन महीने और तीसरे में दो महीने की सजा हुई है। दोषी ने बचाव में कहा कि उस पर झूठा केस दायर किया गया है। उस पर परिवार की कोई देनदारी नहीं है। असल में 16 सितंबर 2018 को उसकी दुकान के बाहर से उसका एक बैग चोरी हो गया था। जिसकी उसने डीडीआर भी दर्ज करवाई थी, लेकिन यह बैग उसके छोटे भाई ने चोरी किया था और ये चोरी उसने कबूल भी कर ली थी। उस बैग में उसके कई बैंकों के साइन किए हुए चेक थे। हालांकि कोर्ट ने दोषी की दलीलों को नहीं माना और उसे सजा सुनाते हुए 43.29 लाख रुपये लौटाने के लिए कहा है।
दोषी के खिलाफ अदालत में वर्ष 2018 में उसके पिता ने केस दायर किया था। पिता ने शिकायत में बताया था कि उनके बड़े बेटे की सेक्टर-19 में में कपड़ों की दुकान है। बेटे की मदद के लिए उन्होंने उसे समय-समय पर 43 लाख रुपये से ज्यादा का उधार दे दिया। दोषी ने रुपये लौटाने के लिए पिता को तीन चेक दे दिए, लेकिन जब उन्होंने चेक बैंक में लगाए तो बाउंस हो गए। इस पर 26 सितंबर 2018 को पिता ने दोषी को लीगल नोटिस भेजा फिर भी उसने रुपये नहीं लौटाए। इस पर पिता ने उसके खिलाफ अदालत में चेक बाउंस का केस दायर कर दिया। हालांकि पिता की मौत के बाद छोटा बेटा इसमें शिकायतकर्ता बन गया।