ट्रेवल एजेंटों के बुने जाल में फंसकर फिर दुबई में 29 भारतीय सड़क पर आ गए हैं। दिल्ली, हरियाणा व पंजाब के इन 29 युवाओं में से आठ को सरबत दा भला चैरिटेबल ट्रस्ट के संस्थापक कारोबारी डा. एसपीएस ओबराय अपने खर्च पर साथ लेकर शनिवार को मोहाली एयरपोर्ट पर पहुंच रहे हैं। जबकि बाकी युवाओं को उनके दस्तावेज मुकम्मल होने पर भारत लाया जाएगा, तब तक इन युवाओं को डा. ओबराय अपने पास रखेंगे। डा. ओबराय के इस फैसले से इन युवाओं के भारत में रह रहे परिवारों ने सुख की सांस ली है।
सिर पर छत, न खाने को पैसे और न रहने की जगह
दुबई से डॉ. ओबराय के अनुसार इन युवाओं ने बताया कि वह करीब तीन से छह माह पहले दुबई की मदल फज सिक्योरिटी सर्विसेस में नौकरी करने के लिए आए थे, लेकिन एकदम उनकी कंपनी का मालिक गायब हो गया और जिस कैंप में वह रह रहे थे, वहां से भी उन्हें निकाल दिया गया। कंपनी ने उनके साथ धोखा किया। जिससे वह एकदम सड़क पर आ गए।
कंपनी बंद होने के बाद उनका वेतन भी नहीं दिया। जिससे उन्हें खाने के लाले पड़ गए, क्योंकि उनकी जेब में कोई पैसा तक नहीं है। फिर वह सभी इकट्ठे होकर गुरुवार को पास के गुरुद्वारा साहिब पहुंचे और जहां से उन्हें डॉ. एसपीएस ओबराय के बारे में मालूम हुआ और शुक्रवार की सुबह उनसे संपर्क किया।
डॉ. ओबराय ने बताया कि दिल्ली, हरियाणा और पंजाब के 29 युवाओं को दुबई की एक कंपनी ने सिक्योरिटी के काम के लिए भारत से बुलाया था। परंतु कंपनी के मालिक ने कंपनी बंद करके इनके साथ बड़ा धोखा किया है। जब इन युवाओं ने उनसे संपर्क करके अपनी व्यथा सुनाई तो उन्होंने इनकी मुश्किल को देखते हुए अपने खर्च पर भारत वापस भेजने का फैसला किया।
वह इनके वापस जाने के लिए जरूरी दस्तावेज मुकम्मल करने के अलावा दुबई से भारत की हवाई टिकट का खर्च भी खुद करेंगे। इनमें से 8 युवाओं को कागजात पूरे हैं, उन्हें वह शनिवार को दुबई से लेकर मोहाली एयरपोर्ट पहुंचेंगे। जहां से इन्हें घरों की तरफ प्रस्थान किया जाएगा। जबकि बाकी युवाओं को भी जल्द ही कागजात मुकम्मल होने उपरांत वापस ले जाया जाएगा। तब तक यह युवा दुबई में उनकी रिहायश में रहेंगे और इनके खान-पान का प्रबंध भी वह करेंगे। उन्होंने भारतीय युवाओं से अपील की है कि वह एजेंटों की तरफ से बताई गई कंपनी की अच्छी तरह जांच करने के बाद ही अरब देशों का रुख करें।